
गौरेला: ग्रामीण परिवारों की महिलाओं को आर्थिक सहयोग देने के लिए संचालित महतारी वंदन योजना का लाभ गौरेला विकासखंड के ग्राम पंचायत ठाड़पथरा की मती प्रीति सुजान बैगा को मिल रहा है। योजना के तहत उन्हें हर महीने 1 हजार रुपये की राशि प्राप्त होती है। प्रीति के मुताबिक, इस नियमित आर्थिक सहायता से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
राशन और घरेलू जरूरतों पर खर्च कर रही राशि
मती प्रीति सुजान बैगा बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल वह मुख्य रूप से राशन, सब्जी और घर की अन्य जरूरी चीजों पर करती हैं। हर महीने आर्थिक सहायता मिलने से छोटे-छोटे घरेलू खर्चों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव कम हुआ है।
महतारी वंदन के साथ पीडीएस का भी लाभ
प्रीति बैगा के परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के माध्यम से नियमित खाद्यान्न भी मिल रहा है। एक तरफ महतारी वंदन योजना से हर महीने आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, तो दूसरी ओर पीडीएस के जरिए परिवार की खाद्यान्न जरूरत पूरी हो रही है। दोनों योजनाओं से मिलने वाले लाभ से परिवार के घरेलू बजट को राहत मिली है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की पहल
महतारी वंदन योजना के जरिए महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे वे परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभा पा रही हैं। प्रीति बैगा के अनुभव के मुताबिक, नियमित आर्थिक सहयोग दैनिक जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रहा है।
ग्रामीण परिवारों को योजनाओं से मिल रहा सहारा
राज्य सरकार की ओर से महतारी वंदन योजना और पीडीएस जैसी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। इन योजनाओं के जरिए महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक तथा खाद्य सुरक्षा का सहयोग मिल रहा है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए भी इन योजनाओं का लाभ उपयोगी साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
मती प्रीति सुजान बैगा ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मददगार है। उन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रीति का कहना है कि नियमित आर्थिक सहायता से परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा करने में सहयोग मिल रहा है।



