इंदौर मेट्रो का बड़ा विस्तार: 21 जून से 17.5 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर पर दौड़ेगी मेट्रो, गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मिलेगा सफर

इंदौर। इंदौरवासियों को जल्द ही मेट्रो का बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है। इंदौर मेट्रो के दूसरे चरण के यात्री संचालन की तारीख तय हो गई है। अब 20 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर दूसरे चरण का लोकार्पण करेंगे, जबकि 21 जून से आम यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक करीब 17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर पर मेट्रो दौड़ने लगेगी।
पहले यह लोकार्पण कार्यक्रम 18 जून को प्रस्तावित था, लेकिन राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया के चलते इसे आगे बढ़ा दिया गया। हालांकि चुनाव बिना मतदान के ही संपन्न हो गए और भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्वाचित घोषित कर दिए गए, लेकिन मेट्रो उद्घाटन की नई तारीख 20 जून तय की गई।
पहले चरण में यात्रियों की संख्या रही कम
इंदौर मेट्रो का पहला चरण पिछले वर्ष शुरू किया गया था। इसमें गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक लगभग 5.5 किलोमीटर का प्रायोरिटी कॉरिडोर शामिल था। हालांकि इस रूट पर यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और कई बार ट्रेनें लगभग खाली चलती रहीं।
अब मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टीसीएस चौराहा से रेडिसन चौराहा तक के स्टेशनों और अन्य निर्माण कार्यों को पूरा कर लिया है। साथ ही इस सेक्शन को व्यावसायिक संचालन की मंजूरी भी मिल चुकी है। उद्घाटन के बाद पूरे 17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रूट पर यात्री सफर कर सकेंगे।
एयरपोर्ट कनेक्टिविटी बनने के बाद बढ़ेगी सवारियों की संख्या
विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए कॉरिडोर के शुरू होने के बावजूद यात्रियों की संख्या तब तक सीमित रह सकती है, जब तक मेट्रो की सीधी कनेक्टिविटी एयरपोर्ट से नहीं जुड़ जाती।
दरअसल, एयरपोर्ट से गांधी नगर तक का हिस्सा अंडरग्राउंड बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण बाद में शुरू हुआ था। फिलहाल इस खंड पर काम जारी है। जब रेडिसन चौराहा से एयरपोर्ट तक मेट्रो कनेक्शन तैयार हो जाएगा, तब विजय नगर, पलासिया और शहर के अन्य प्रमुख इलाकों से एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए यह सबसे सुविधाजनक विकल्प बन सकता है।
वर्तमान में एयरपोर्ट तक पहुंचने में कई बार लगभग एक घंटे का समय लग जाता है, जबकि मेट्रो शुरू होने के बाद यह सफर 15 से 20 मिनट में पूरा हो सकेगा। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
आईटी कंपनियों और नई टाउनशिप से मिलेगी सवारियां
मेट्रो कॉर्पोरेशन को उम्मीद है कि सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में स्थित इन्फोसिस, टीसीएस, निजी संस्थानों, अस्पतालों और नई विकसित हो रही कॉलोनियों के कर्मचारी और निवासी बड़ी संख्या में मेट्रो का उपयोग करेंगे। गांधी नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी इससे लाभ मिलेगा।
शहर में जल्द दौड़ेंगी 26 नई ई-बसें
इधर, शहरी परिवहन को और मजबूत बनाने के लिए एआईसीटीएसएल ने 26 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन बसों का संचालन शहर के आधा दर्जन रूटों पर किया जाएगा। साथ ही जुलाई से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत इंदौर संभाग में बस सेवाओं की शुरुआत भी प्रस्तावित है। पहले चरण में लगभग 12 किलोमीटर के दायरे में ई-बसें चलाई जाएंगी।
परिवहन विभाग के अनुसार, बस संचालन के लिए आवेदन करने वाली कंपनियों के पास कम से कम तीन वर्षों का अनुभव और 10 करोड़ रुपये का वार्षिक टर्नओवर होना जरूरी होगा। टेंडर प्रक्रिया 22 जून तक जारी रहेगी।
इंदौर मेट्रो के दूसरे चरण के शुरू होने के साथ शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि विस्तारित कॉरिडोर पर यात्रियों का कितना रुझान देखने को मिलता है।



