ओमान के पास बड़ा समुद्री हादसा! ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हमले में लापता तीनों भारतीय नाविकों के शव मिले, सरकार ने की पुष्टि

नई दिल्ली: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास हुए समुद्री हादसे में लापता चल रहे तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। पलाऊ ध्वज वाले कमर्शियल जहाज ‘एमटी सेटेबेलो’ पर हुए इस हादसे के बाद चल रहे सर्च ऑपरेशन में अब तीनों लापता भारतीय क्रू मेंबर्स के शव बरामद कर लिए गए हैं। केंद्रीय बंदरगाह, शिपिंग एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस दुखद घटना की आधिकारिक पुष्टि की है।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान चलाया गया था। शुरुआती चरण में रेस्क्यू टीमों ने दो भारतीय नाविकों के शव बरामद किए थे, जबकि शेष लापता तीन क्रू मेंबर्स की तलाश लगातार जारी थी। अब सभी लापता भारतीयों को मृत घोषित कर दिया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने जताया गहरा शोक
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस घटना को भारतीय समुद्री परिवार के लिए बड़ा नुकसान बताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है।
सरकार का आश्वासन—परिवारों को मिलेगा पूरा सहयोग
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी भारतीय नाविकों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने कहा है कि पीड़ित परिवारों को आर्थिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर पूरा सहयोग दिया जाएगा।
इसके साथ ही सरकार ने निर्देश दिए हैं कि रेस्क्यू किए गए अन्य क्रू मेंबर्स को जल्द से जल्द सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया जाए। संबंधित मंत्रालय और अधिकारी इस प्रक्रिया को तेज करने में जुटे हुए हैं।
शवों को भारत लाने की प्रक्रिया तेज
सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि कानूनी और कूटनीतिक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कर शवों को भारत लाने की प्रक्रिया जारी है। प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी पार्थिव शरीर जल्द से जल्द परिजनों को सौंपे जाएं, ताकि अंतिम संस्कार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हो सके।
परिवार ने लगाई मदद की गुहार
इस बीच मृतक नाविकों के परिजनों का दर्द सामने आया है। एक मृतक आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा ने बताया कि उन्हें शिपिंग कंपनी से सूचना मिली थी कि जहाज पर मिसाइल हमला हुआ है और तीन क्रू मेंबर्स लापता हैं, जिनमें उनका बेटा भी शामिल था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है और वह लगातार प्रशासन, स्थानीय अधिकारियों और विदेश मंत्रालय से मदद की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा केवल 23 साल का था और यह उसकी पहली नौकरी थी।
परिजनों के अनुसार, आखिरी बार उनकी अपने बेटे से कुछ दिन पहले बातचीत हुई थी, जिसमें उसने बताया था कि जहाज के पास हमला हुआ है, जिसके बाद स्थिति गंभीर हो गई थी।



