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MP: खंडवा में नवविवाहित जोड़े पर हमला, दुल्हन को सड़क पर घसीटकर ले गए परिजन; CCTV फुटेज वायरल

खंडवा: मध्य प्रदेश के खंडवा में नवविवाहित दंपती के साथ मारपीट और दुल्हन को जबरन अपने साथ ले जाने का मामला सामने आया है। दूल्हे तेजपाल राजपूत का आरोप है कि नोटरी कार्यालय में विवाह से जुड़े दस्तावेज तैयार कराने के दौरान युवती के परिजन वहां पहुंचे और उसके साथ मारपीट करने लगे। आरोप है कि परिजन उसकी पत्नी तंजीम मंसूरी को सड़क पर घसीटते हुए कार तक ले गए और फिर अपने साथ लेकर चले गए। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने दूल्हे का आवेदन जांच में लिया है। फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

नोटरी कार्यालय में दस्तावेज बनवाने पहुंचे थे दूल्हा-दुल्हन

यह घटना खंडवा के व्यस्त मालीकुंआ इलाके की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, छैगांवमाखन गांव के रहने वाले तेजपाल राजपूत और तंजीम मंसूरी विवाह से संबंधित दस्तावेज तैयार कराने के लिए नोटरी कार्यालय पहुंचे थे। इससे पहले दोनों ने महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक रीति-रिवाज से विवाह किया था।

तेजपाल का आरोप है कि इसी दौरान तंजीम के करीब 15 से 20 परिजन वहां पहुंच गए। उन्होंने उसके साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को सड़क पर घसीटते हुए कुछ दूरी पर खड़ी कार तक ले गए। इसके बाद तंजीम को कार में बैठाकर वहां से चले गए। अचानक हुए इस घटनाक्रम से आसपास मौजूद लोग हैरान रह गए।

दूल्हे ने प्रशासन से लगाई पत्नी को वापस दिलाने की गुहार

तेजपाल राजपूत के मुताबिक, उसने और तंजीम ने सुबह महादेवगढ़ मंदिर में शादी की थी। इसके बाद दोनों मालीकुंआ इलाके में विवाह संबंधी दस्तावेज तैयार कराने पहुंचे थे। उनकी योजना इसके बाद पदमनगर थाने जाकर बयान दर्ज कराने की थी, लेकिन इसी बीच कुछ लोग वहां पहुंचे और कथित तौर पर मारपीट कर तंजीम को अपने साथ ले गए।

तेजपाल ने प्रशासन से अपनी पत्नी को वापस दिलाने की मांग की है। उसका कहना है कि दोनों ने अपनी मर्जी से शादी की है और वे साथ रहना चाहते हैं।

दो से तीन साल से प्रेम संबंध होने का दावा

जानकारी के अनुसार, तेजपाल और तंजीम दोनों छैगांवमाखन गांव के निवासी हैं। दोनों के बीच पिछले दो से तीन वर्षों से प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। बताया गया है कि दोनों 20 अक्टूबर को इंदौर के पास पीथमपुर गए थे, जहां उन्होंने साथ रहने से संबंधित दस्तावेज तैयार करवाए थे।

इसी दौरान तंजीम के परिजनों ने छैगांवमाखन थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में दोनों ने महादेवगढ़ मंदिर में विवाह करने का फैसला किया। शादी के बाद वे नोटरी के समक्ष शपथपत्र तैयार कराने पहुंचे थे। इसके बाद तंजीम के बयान पुलिस के सामने दर्ज कराए जाने थे, लेकिन इससे पहले ही विवाद हो गया।

महादेवगढ़ मंदिर के प्रमुख ने बताई पूरी घटना

महादेवगढ़ के प्रमुख अशोक पालीवाल के अनुसार, तेजपाल और तंजीम दोनों छैगांवमाखन के रहने वाले हैं और उनके बीच कई वर्षों से प्रेम संबंध थे। उन्होंने बताया कि तंजीम सनातन धर्म से प्रभावित है और दोनों ने 20 अक्टूबर को साथ रहने का निर्णय लिया था। इसके बाद उन्होंने पीथमपुर में साथ रहने से संबंधित दस्तावेज तैयार करवाए थे।

पालीवाल के मुताबिक, सोमवार सुबह दोनों ने महादेवगढ़ मंदिर में वैदिक पद्धति से विवाह किया। इसके बाद वे नोटरी कार्यालय में जरूरी दस्तावेज तैयार कराने पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि दुल्हन को ले जाने की घटना को लेकर कोतवाली में शिकायत की गई है।

पहले वीडियो जारी कर तंजीम ने कही थी अपनी मर्जी से शादी करने की बात

इस घटना से पहले तंजीम का एक वीडियो बयान भी सामने आया था। इसमें उसने कहा था कि वह अपनी मर्जी से तेजपाल के साथ आई है और दोनों ने शादी कर ली है। उसने खुद को बालिग बताते हुए कहा था कि वह अपने फैसले खुद लेने में सक्षम है। वीडियो में तंजीम ने यह भी दावा किया था कि उस पर किसी तरह का दबाव नहीं है और वह तेजपाल के साथ खुश है।

पुलिस ने आवेदन जांच में लिया, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार

फिलहाल पुलिस ने तेजपाल राजपूत की ओर से दिए गए आवेदन को जांच में लिया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मामले में प्राथमिकी दर्ज होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई कर सकती है।

मामले में तंजीम को किन परिस्थितियों में ले जाया गया, वह फिलहाल कहां है और उसकी वर्तमान इच्छा क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना जरूरी है। पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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