MP कैबिनेट का बड़ा फैसला! 24,500 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी, इंदौर मेट्रो का बजट बढ़ा; 94 गांवों के पुनर्वास को हरी झंडी

भोपाल: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में विकास और जनकल्याण से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में कुल 24,500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिसमें इंदौर मेट्रो परियोजना के बजट विस्तार से लेकर स्वास्थ्य और वन क्षेत्रों से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं।
इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत बढ़ी
कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत 19,472.29 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है। इसमें मूल परियोजना लागत 7,500.80 करोड़ रुपये के साथ 5,388.58 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि और अन्य वित्तीय प्रावधान शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इस निर्णय से परियोजना को तेज गति से पूरा करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव के लिए नई नीति
बैठक में ‘मेगा हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमोशन पॉलिसी-2026’ के क्रियान्वयन के लिए 5 सदस्यीय उपसमिति गठित करने का फैसला लिया गया। यह समिति राज्य में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सुझाव देगी।
इसके साथ ही रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत आउटसोर्सिंग मॉडल पर संचालित करने की भी मंजूरी दी गई है।
वन क्षेत्रों के 94 गांवों के पुनर्वास को मंजूरी
कैबिनेट ने कूनो और अन्य अभयारण्यों के संवेदनशील क्षेत्रों में बसे 94 गांवों के पुनर्वास के लिए 2026 से 2031 तक 2,381 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत प्रभावित ग्रामीणों को वैकल्पिक स्थान पर बसाया जाएगा और उनकी अचल संपत्ति का कानून के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।
यह योजना संजय बाघ अभयारण्य, सतपुड़ा, पन्ना, वीरांगना दुर्गावती, रातापानी, ओरछा और कूनो राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र के गांवों पर लागू होगी।
शिक्षा और रोजगार के लिए भी बड़े प्रावधान
आदिवासी छात्रों की पढ़ाई और आवासीय व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 687 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए रेशम उद्योग से जुड़ी योजनाओं पर 639.25 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
16वें वित्त आयोग के तहत वन संरक्षण योजनाएं
बैठक में वन विभाग से जुड़ी कई योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है, जिसमें ‘प्रोजेक्ट टाइगर हाथी’ और ‘ग्राम पुनर्वास क्षतिपूर्ति योजना’ शामिल हैं। ये योजनाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेंगी।



