पंजाब

पंजाब में ग्रामीण विकास को नई रफ्तार, गांवों को मिल रही दशकों से वंचित सड़क सुविधाएं: हरपाल सिंह चीमा

चंडीगढ़ / दिड़बा / लहरागागा: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लहरागागा क्षेत्र में 18.76 करोड़ रुपये से अधिक की सड़क अवसंरचना एवं विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और कई नई योजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण संपर्क को मजबूत करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षभर सुगम और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।

ग्रामीण संपर्क मजबूत करने पर जोर
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार लगभग 40,000 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को मजबूत कर रही है, जिससे ग्रामीण पंजाब की तस्वीर बदल रही है। उन्होंने कहा कि जिन गांवों को दशकों तक विकास से वंचित रखा गया, अब उन्हें बेहतर सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
गांव डसका में आयोजित जनसभा के दौरान वित्त मंत्री ने बछुआना से बरेटा (वाया डसका और बहादरपुर) को जोड़ने वाली 10.5 किलोमीटर लंबी सड़क जनता को समर्पित की। 7.15 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस सड़क की चौड़ाई 12 फुट से बढ़ाकर 18 फुट की गई है, जिससे यातायात की समस्याओं और सुरक्षा जोखिमों में कमी आने की उम्मीद है।

उन्होंने 1.27 करोड़ रुपये की लागत से डसका और खत्रीवाला को जोड़ने वाली 4 किलोमीटर लंबी नई पक्की सड़क का भी उद्घाटन किया। यह सड़क लंबे समय से मौजूद कच्चे रास्ते को हर मौसम में उपयोग योग्य मार्ग में बदल देगी। इसके अलावा डसका-बहादरपुर मार्ग पर डेरा बाबा धौला पीर तक 1 किलोमीटर लिंक सड़क 34.50 लाख रुपये की लागत से पूरी की गई, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

बाघरौल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सड़क परियोजनाएं
वित्त मंत्री ने बाघरौल और आसपास के गांवों में लगभग 10 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने बाघरौल से बुजरक तक 3 किलोमीटर सड़क (1.10 करोड़ रुपये) और बाघरौल को बुर्ज टिल्ला एवं खेड़ी नगाइयां से जोड़ने वाली 2.35 किलोमीटर सड़क (1 करोड़ रुपये से अधिक) के निर्माण की घोषणा की।

इसके साथ ही बाघरौल और बलमगढ़ को जोड़ने वाली 2.75 किलोमीटर सड़क पर 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। क्षेत्र में लगभग 12 किलोमीटर कच्ची सड़कों को पक्का किया जा रहा है, जिन्हें पिछले 70 से 80 वर्षों से नजरअंदाज किया गया था। इन सड़कों को 5.25 करोड़ रुपये की लागत से पक्के सड़क नेटवर्क में बदला जा रहा है। इसी क्रम में एक नए पुल का भी उद्घाटन किया गया, जिससे दो प्रमुख गांवों के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है।

दशकों पुरानी कच्ची सड़कों का होगा कायाकल्प
उन्होंने बताया कि बाघरौल से खेड़ी दगाइयां तक लगभग 4 किलोमीटर सड़क (1.83 करोड़ रुपये) का निर्माण कार्य जारी है। इसके अलावा बाघरौल को कंगरौड़ी और कमालपुर से जोड़ने वाली सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य 4.50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से प्रगति पर है। कुल मिलाकर क्षेत्र में लगभग 19 किलोमीटर सड़कों के निर्माण और विस्तार कार्य चल रहे हैं, जिससे कृषि और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

सरकार की प्राथमिकता: ग्रामीण-शहरी खाई खत्म
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे के बीच की खाई को खत्म करने के लिए ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि दशकों तक उपेक्षित रहे गांवों को अब गुणवत्तापूर्ण सड़कें और बुनियादी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, जो संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, पंचायत प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नेता उपस्थित रहे और सभी ने इन विकास परियोजनाओं का स्वागत किया।

Related Articles

Back to top button