उत्तर प्रदेशराज्य

राम मंदिर चढ़ावा विवाद में नया मोड़! टिन्नू यादव की पत्नी ने दी चुनौती- ‘सबूत दिखाइए, कहां हैं होटल, हॉस्टल और लग्जरी कारें?’

अयोध्या: राम जन्मभूमि से जुड़े दान और संपत्ति विवाद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच चंपत राय के सहयोगी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव सामने आई हैं। उन्होंने अपने पति पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।

‘कोई ठोस सबूत है तो सामने लाए’

पूनम यादव ने कहा कि उनके पति के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उनके अनुसार बिना सबूत के लगातार आरोप लगाकर उनके परिवार की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।

50 कमरे का हॉस्टल, होटल और लग्जरी कारों के दावों को बताया झूठ

पूनम यादव ने उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा है कि उनके पति के पास 50 कमरों का भवन, हॉस्टल, होटल और लग्जरी कारें हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद तरह-तरह की बातें फैलाई जा रही हैं। उनका कहना है कि यदि वास्तव में ऐसी कोई संपत्ति होती तो वह खुद इस मामले में खुलकर सामने आतीं।

’15 दिनों से मानसिक तनाव झेल रहा परिवार’

पूनम यादव ने कहा कि बीते 15 दिनों से उनका परिवार भारी मानसिक दबाव और तनाव से गुजर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति को फंसाने और उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनके पास जो भी संपत्ति है, वह पूरी तरह वैध और पारदर्शी है।

घर खरीदने को लेकर भी दिया जवाब

पूनम यादव ने बताया कि जिस घर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उसे उन्होंने वर्ष 2008 में खरीदा था और उसका निर्माण वर्ष 2015 में हुआ था। उन्होंने कहा कि यह सब राम मंदिर से जुड़े फैसले से पहले का है और उनके पास मौजूद हर संपत्ति का रिकॉर्ड साफ-सुथरा है।

चढ़ावा विवाद की जांच में जुटी एसआईटी

उधर, राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल ने दूसरे दिन भी अपनी पड़ताल जारी रखी। जांच टीम मंगलवार को करीब 11 घंटे तक मंदिर परिसर में मौजूद रही और विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी जुटाती रही। इससे पहले पहले दिन भी टीम ने लगभग 8 घंटे तक जांच की थी।

दो दिनों में 19 घंटे की विस्तृत पड़ताल

सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने अब तक दो दिनों में कुल 19 घंटे तक जांच की है। इस दौरान चढ़ावा संग्रह की प्रक्रिया, उसकी निगरानी व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और बैंक खातों में धनराशि जमा किए जाने की पूरी प्रणाली का गहन अध्ययन किया गया।

हर पहलू की हो रही बारीकी से जांच

जांच अधिकारी संबंधित दस्तावेजों और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा कर रहे हैं। कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद गठित एसआईटी तथ्यों को जुटाने और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मंदिर प्रशासन तथा संबंधित कर्मचारियों से लगातार जानकारी ले रही है। जांच पूरी होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी।

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