
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन-प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी आम लोगों की समस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पूरी जवाबदेही और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के तहत बिलासपुर प्रवास के दौरान बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक में विकास कार्यों, राजस्व प्रकरणों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
लंबित राजस्व मामलों के लिए चलाया जाए विशेष अभियान
बैठक में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने समय-सीमा से बाहर और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व मामले सीधे नागरिकों की आजीविका और दैनिक जीवन से जुड़े होते हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में अनावश्यक देरी लोगों की परेशानियां बढ़ाती है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पेयजल संकट न हो, स्वास्थ्य विभाग रहे सतर्क
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग को आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए मौसमी बीमारियों की रोकथाम और उपचार संबंधी सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के लिए किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसानों को समय पर मिले खाद और बीज
मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए खाद और बीज की उपलब्धता, भंडारण तथा वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराए जाएं तथा वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।
उन्होंने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही।
महिलाओं को आधुनिक खेती से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे महिलाएं तकनीक आधारित कृषि गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
उन्होंने कहा कि इस पहल से कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार तथा आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जनभागीदारी से मजबूत हो रहा जनता का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं विभिन्न समाधान शिविरों में पहुंचकर नागरिकों से सीधे संवाद कर चुके हैं। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि जनता का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।
उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रहा है।
महतारी वंदन योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य यही है कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की मजबूत नींव बनेगा।



