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पीएम मोदी आज उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे राष्ट्र को करेंगे समर्पित

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज बुधवार को उत्तर प्रदेश के हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वो पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम का दो दिवसीय दौरा पूरा कर कल शाम दो दिन के दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। उन्होंने सिक्किम से रवाना होने से पहले पूर्वोत्तर का स्वर्ग कहे जाने वाले इस राज्य को 4,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात दी। यह जानकारी सरकारी विज्ञप्ति में दी गई। 

पीएम मोदी 6,350 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात लेकर वाराणसी पहुंचे

विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कल शाम वाराणसी पहुंचे और महिला सम्मेलन में हिस्सा लिया। वो उत्तर प्रदेश के लिए लगभग 6,350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की सौगात लेकर वाराणसी पहुंचे। आज सुबह प्रधानमंत्री मोदी ने पहले श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद वे हरदोई रवाना होंगे और पूर्वाह्न लगभग 11:30 बजे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। वो इस अवसर पर सभा को संबोधित भी करेंगे।

गंगा एक्सप्रेस-वे देश में विश्वस्तरीय अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि

गंगा एक्सप्रेस-वे देश में विश्वस्तरीय अवसंरचना के विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (8-लेन तक विस्तारित करने योग्य), एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इस पर लगभग 36,230 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों- मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है। इससे उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी क्षेत्रों को एक ही निर्बाध हाई-स्पीड कॉरिडोर के माध्यम से जोड़ा गया है।

अब मेरठ से प्रयागराज की यात्रा मात्रा 6 घंटे में कर सकेंगे 

अब मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय मौजूदा 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा। इस परियोजना की प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी आपातकालीन लैंडिंग सुविधा (हवाई पट्टी) का निर्माण है। यह दोहरे उपयोग वाली अवसंरचना राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारियों को मजबूत करती है और आर्थिक लाभ के अलावा रणनीतिक महत्व भी प्रदान करती है।

यह एक्सप्रेस-वे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा

गंगा एक्सप्रेस-वे को एक प्रमुख आर्थिक गलियारे के रूप में परिकल्पित किया गया है, जिसके मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में लगभग 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में एकीकृत विनिर्माण और लॉजिस्टिक गलियारे विकसित किए जाएंगे। यह एक्सप्रेस-वे लॉजिस्टिक्स लागत को कम करेगा, आपूर्ति शृंखला की दक्षता में सुधार करेगा और विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा। बेहतर संपर्क व्यवस्था से किसानों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। इससे उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और ग्रामीण आय में वृद्धि होगी। 

इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और नए आर्थिक अवसर खुलेंगे

यही नहीं, इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलने, नए आर्थिक अवसर खुलने और पूरे क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश में व्यापक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क की रीढ़ की हड्डी के रूप में भी काम करेगा। गंगा एक्सप्रेस-वे सिर्फ परिवहन परियोजना नहीं है, बल्कि महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी पहल है। इससे लॉजिस्टिक लागत कम होगी। यह प्रोजेक्ट औद्योगिक निवेश को आकर्षित करेगा। कृषि और ग्रामीण आय को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस लिहाज से पूरे राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति मिलेगी। 

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