
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश को संबोधित करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिए विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वह किसी 56 वर्षीय युवक की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन 28 वर्ष की औसत आयु वाले युवा उद्यमियों की चर्चा कर रहे हैं, जो अपनी उपलब्धियों से दुनिया में भारत का गौरव बढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जैसे मानसून देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, वैसे ही संसद का मानसून सत्र भी लोकतंत्र के लिए अत्यंत फलदायी साबित होता है। उन्होंने कहा कि यदि मानसून और संसद, दोनों सक्रिय रहें तो देश का कल्याण होता है और सभी के हित सुनिश्चित होते हैं। प्रधानमंत्री ने कामना की कि इस बार का मानसून और संसद का सत्र दोनों ही देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए उत्पादक साबित हों।
राहुल गांधी पर बिना नाम लिए साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं किसी 56 वर्षीय युवक की बात नहीं कर रहा हूं। मैं देश के उन युवा उद्यमियों की बात कर रहा हूं जिनकी औसत आयु 28 वर्ष है। वे बधाई के पात्र हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है। ऐसी उपलब्धियां भारत का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और दुनिया में देश की छवि को सम्मान और व्यापक स्वीकार्यता दिलाती हैं।”
प्रधानमंत्री के इस बयान को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है।
देश की हालिया उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछले एक महीने के दौरान भारत ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्ष मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचा था।
उन्होंने आगे कहा कि दो दिन पहले भारत के एक युवा स्टार्टअप ने भी बड़ी सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री ने इन उपलब्धियों को देश के युवाओं की प्रतिभा और भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया।
मानसून सत्र से जताई सकारात्मक उम्मीद
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद का यह मानसून सत्र जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा और देशहित में महत्वपूर्ण फैसलों का माध्यम बनेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि संसद की कार्यवाही राष्ट्र निर्माण और विकास की दिशा में सकारात्मक भूमिका निभाएगी।



