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बंगाल में गिरफ्तार TMC नेताओं की ‘परेड’ पर मचा सियासी बवाल! कहीं रस्सी बांधकर घुमाया, तो कहीं हाफ पैंट में निकाला जुलूस

बर्धमान: पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेताओं को सार्वजनिक तौर पर ले जाने की दो अलग-अलग घटनाओं ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। एक मामले में पुलिस ने एक नेता को कथित तौर पर कमर में रस्सी बांधकर इलाके में घुमाया, जबकि दूसरे मामले में एक अन्य नेता को हाफ पैंट में सड़क पर पैदल ले जाया गया। दोनों घटनाओं के वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

धोखाधड़ी और अवैध हथियार मामले में गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, बर्नपुर निवासी तृणमूल कांग्रेस नेता सैयद इकबाल को धोखाधड़ी और अवैध हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ 20 जून को हिरापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया।

अदालत से नहीं मिली राहत

गिरफ्तारी के बाद सैयद इकबाल को आसनसोल अदालत में पेश किया गया, जहां उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। अदालत ने मामले की जांच को देखते हुए उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

कमर में रस्सी बांधकर इलाके में ले जाने का दावा

मंगलवार सुबह पुलिस सैयद इकबाल को बर्नपुर के सुभाष पल्ली से रहमत नगर मोड़ तक लेकर गई। इस दौरान उन्हें कथित तौर पर कमर में रस्सी बांधकर ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर एकत्र हो गए और पूरे इलाके में हलचल का माहौल बन गया।

दूसरे मामले में हाफ पैंट में सड़क पर पैदल चलाया गया नेता

इसी दिन सालानपुर क्षेत्र से भी एक अन्य मामला सामने आया। यहां तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता विजय सिंह उर्फ भोला सिंह को पुलिस हिरासत के दौरान हाफ पैंट पहनाकर सड़क पर पैदल ले जाने की घटना चर्चा का विषय बन गई।

पत्थर खदान मामले में हुई थी गिरफ्तारी

विजय सिंह उर्फ भोला सिंह को पिछले सप्ताह पत्थर खदान से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। अदालत में पेश किए जाने के बाद उन्हें छह दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था।

बस स्टैंड से बाजार तक पैदल ले गई पुलिस

मंगलवार सुबह पुलिस उन्हें रूपनारायणपुर बस स्टैंड से सब्जी बाजार तक पैदल लेकर गई। इस दौरान उनके आसपास भारी पुलिस बल मौजूद रहा। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने नारेबाजी भी की, जिससे पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।

भाजपा नेताओं ने किया समर्थन

इस कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने समर्थन जताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से संबंधित नेता के खिलाफ शिकायतें करते रहे हैं और पुलिस की कार्रवाई से जनता को संदेश गया है कि कानून अपना काम कर रहा है।

पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं

राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान गिरफ्तार राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को घटनास्थल पर ले जाने या सार्वजनिक रूप से पेश करने जैसी घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। हालांकि, मौजूदा दोनों मामलों को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कार्रवाई पर उठ सकते हैं सवाल

इन घटनाओं के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में यह बहस भी तेज हो सकती है कि आरोपियों को इस तरह सार्वजनिक रूप से ले जाने की प्रक्रिया कितनी उचित है। फिलहाल दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है और संबंधित आरोपों की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

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