उत्तराखंड

कुमाऊं क्षेत्र में नई सड़कों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का होगा विस्तार

देहरादून ( दस्तक डेस्क) : सड़कें प्रगति और विकास की जीवन रेखा होती हैं। सड़कों से ही परिवहन संभव है जो अर्थव्यवस्था, पर्यटन, संस्कृति सभी कुछ को प्राण वायु प्रदान करता है। इसी बात को ध्यान में रखकर उत्तराखंड सरकार के प्रयासों से कुमाऊं के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुविधाओं पर डेढ़ हजार करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च होंगे। दरअसल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई-4) के तहत केंद्र सरकार से 225 नई सड़कों के लिए बजट की व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय स्तर पर बजट प्रस्ताव तैयार हो चुके हैं। किन्हीं कारणों से केंद्र सरकार के स्तर से प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कर उसे लौटाया न जाएं।

इसलिए हल्द्वानी में प्रस्ताव से जुड़े अहम दस्तावेजों की समीक्षा की जा रही है। कहीं कोई कमी होगी तो उसे ठीक किया जाएगा।चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में (पीएमजीएसवाई-4) के तहत केंद्र सरकार की मदद से नई सड़कों का निर्माण होना है।

राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का जाल बिछाने के लिए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र में मजबूत पैरवी करने के साथ अक्टूबर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात भी की थी। जिसके बाद उत्तराखंड के लिए 315 सड़कें और 32 पुलों के निर्माण को लेकर जल्द स्वीकृति मिलने की सहमति भी बनी। सड़कों पर 2526 और पुलों के निर्माण पर 182 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 610 से अधिक गांवों लाभ के दायरे में आएंगे।

कुमाऊँ क्षेत्र में ग्रामीण आबादी को सड़क से जोड़ने के लिए 225 नई सड़कें बननी है। गुरुवार को मुख्य अभियंता मो. आरिफ खान की अध्यक्षता में काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में बैठक का आयोजन हुआ। जिसमें अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ जोन के अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार, उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी देहरादून के ईई दिनेश कुमार, आइटी नोडल निधि रावत के अलावा नोडल अफसर देवेंद्र कुमार व दीपक भट् भी शामिल हुए। मुख्य अभियंता के अनुसार बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा के बाद उन्हें दुरुस्त करना है। इसके बाद स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा जाएगा।

डिवीजन स्तर के अफसरों व कंसल्टेंट एजेंसी को निर्देश दिए कि डीपीआर में जरूरी दस्तावेजों के साथ ही निर्माण क्षेत्र से जुड़ी भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट को भी किया जाएगा। ताकि केंद्रीय स्तर पर पैरवी में दिक्कत न आए। इस दौैरान सहायक अभियंता दीपक सामंत, भास्कर जोशी आदि मौजूद थे।

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