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दिवाली से पहले किसानों के खाते में आएंगे 5,000 रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित अन्नदाताओं को दी राहत

मुंबई: महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले बड़ी आर्थिक राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता राशि जमा करने का फैसला किया है। इसके तहत करीब एक से सवा करोड़ किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। इस योजना पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देगी।

पंचनामे पूरे होने पर किसानों को मिलेगी सहायता

राज्य सरकार के मुताबिक, दिवाली से पहले उन किसानों को सहायता दी जाएगी, जिनकी फसल को नुकसान हुआ है और जिनके पंचनामे पूरे हो चुके हैं। राहत राशि के लिए फसल का नुकसान और पंचनामे का पूरा होना प्रमुख आधार होंगे।

सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले तक राज्य में 81 प्रतिशत पंचनामे पूरे हो चुके थे। सरकार की कोशिश है कि दिवाली से पहले बाकी पंचनामे भी पूरे कर लिए जाएं, ताकि पात्र किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

सरकार का दावा है कि महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार सूखा प्रभावित किसानों को अग्रिम सहायता दी जा रही है। इससे पहले अंतिम सहायता के रूप में न्यूनतम 1,000 रुपये दिए जाते थे, जबकि अब न्यूनतम सहायता राशि 5,000 रुपये तय की गई है।

एकनाथ शिंदे बोले- किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देंगे

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार ने किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देने का वादा किया था। इसी वादे को पूरा करने के लिए दिवाली से पहले उनके बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को आगे भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन त्योहार से पहले राहत पहुंचाने के लिए फिलहाल 5,000 रुपये देने का फैसला किया गया है।

आचार संहिता को लेकर अधिकारियों पर नाराज हुए फडणवीस

सूखे से निपटने के उपायों को लेकर हुई बैठक में आचार संहिता का मुद्दा भी उठा। कुछ मंत्रियों ने शिकायत की कि आचार संहिता लागू होने के कारण अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं और चुनाव आयोग की अनुमति का हवाला दे रहे हैं।

इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी आचार संहिता का कारण बताकर सूखे से जुड़ी बैठक में शामिल नहीं हो रहा है, तो उसका नाम बताया जाए। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को निलंबित करने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सूखे से निपटने के उपायों पर आचार संहिता लागू नहीं होती। मंत्रियों को अपने अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए और सूखे पर बैठक करने या राहत के उपाय लागू करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।

महाराष्ट्र के 265 तालुकों में घोषित हुआ सूखा

राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके दायरे में राज्य का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा आया है। ऐसे में प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।

दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम मदद देने का फैसला इसी राहत प्रयास का हिस्सा है। अब सरकार की कोशिश है कि पात्र किसानों के पंचनामे समय पर पूरे हों और सहायता राशि उनके खातों में जमा की जा सके।

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