मासूम पर आवारा कुत्ते का खौफनाक हमला, 3 साल की बच्ची का चेहरा बुरी तरह नोचा, डॉक्टरों को लगाने पड़े 55 टांके

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील के देलवाड़ी गांव में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक का एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय मासूम बच्ची पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्ची के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए आगर मालवा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के मुताबिक, बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान एक आवारा कुत्ता उसके पास पहुंचा और अचानक उस पर झपट पड़ा। परिवार के लोग कुछ समझ पाते और उसे बचाने के लिए दौड़ते, उससे पहले ही कुत्ते ने बच्ची के चेहरे को कई जगह से बुरी तरह नोच डाला। मासूम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे कुत्ते के चंगुल से छुड़ाया।
चेहरे पर गहरे घाव, अस्पताल में चला लंबा इलाज
हमले के बाद बच्ची का चेहरा गंभीर रूप से जख्मी हो गया और काफी खून बहने लगा। परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, बच्ची के चेहरे पर कई गहरे घाव थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तीन डॉक्टरों की टीम ने मिलकर उसका इलाज किया।
55 टांके लगाने के बाद इंदौर किया गया रेफर
चिकित्सकों ने सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान बच्ची के चेहरे पर करीब 55 टांके लगाए। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार जारी है।
समय पर इलाज जरूरी, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
डॉक्टरों का कहना है कि चेहरे पर गहरे घाव वाले मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलना बेहद आवश्यक होता है। यदि इलाज में देरी हो जाए तो संक्रमण समेत कई अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है, जिससे मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
जिले में तेजी से बढ़ रहे डॉग बाइट के मामले
यह घटना क्षेत्र में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को भी उजागर करती है। आगर मालवा जिला अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी 2026 से अब तक डॉग बाइट के 350 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। औसतन प्रतिदिन दो से तीन लोग कुत्तों के हमले के बाद अस्पताल पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चों की संख्या भी उल्लेखनीय बताई जा रही है।
हाल ही में आवारा कुत्तों की बढ़ती घटनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी और संबंधित एजेंसियों को प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया था। इसके बावजूद कई इलाकों में यह समस्या लगातार बनी हुई है। फिलहाल घायल बच्ची का इलाज जारी है और यह घटना एक बार फिर प्रशासन तथा संबंधित विभागों के सामने आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने की बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।



