स्पोर्ट्स

धोनी की परंपरा को आगे बढ़ाते दिखे श्रेयस अय्यर, जिम्बाब्वे पर क्लीन स्वीप के बाद युवा खिलाड़ियों को सौंपी जीत की ट्रॉफी

हरारे: भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। सीरीज के आखिरी मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को 35 रन से हराकर जीत दर्ज की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन का लक्ष्य दिया, जिसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम सात विकेट के नुकसान पर 157 रन ही बना सकी।

मैच जीतने के बाद मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों ने जीत का जश्न मनाया, लेकिन सबसे अधिक चर्चा कप्तान श्रेयस अय्यर के उस फैसले की हुई, जिसमें उन्होंने ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों अशोक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी को सौंप दी। दोनों खिलाड़ियों ने पूरी टीम के साथ ट्रॉफी थामकर जीत का जश्न मनाया और साथी खिलाड़ियों ने उनका उत्साह बढ़ाते हुए इस पल को यादगार बना दिया।

पहली कप्तानी सीरीज जीत पर बोले श्रेयस अय्यर

जिम्बाब्वे के खिलाफ 3-0 से सीरीज जीत बतौर भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर की पहली टी20 सीरीज जीत रही। मुकाबले के बाद उन्होंने कहा कि टीम के युवा खिलाड़ी पूरी तरह निडर होकर खेल रहे हैं और मैदान पर शानदार ऊर्जा के साथ उतरते हैं। उनके मुताबिक कप्तान के तौर पर ऐसी सकारात्मक ऊर्जा टीम के लिए बेहद अहम होती है। उन्होंने जिम्बाब्वे में मिली इस जीत को अपने करियर का खास पल भी बताया।

युवा खिलाड़ियों की तारीफ में कही बड़ी बात

श्रेयस अय्यर ने कहा कि मौजूदा दौर में कई खिलाड़ियों को आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंटों से उच्च स्तर का अनुभव मिल रहा है, जिसका फायदा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि टीम में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और कप्तान के रूप में उनकी कोशिश रहती है कि खिलाड़ी सहज महसूस करें, ताकि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

आने वाले दौर की चुनौतियों पर भी रखा पक्ष

भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम को भविष्य में भी इसी लय और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भारत का व्हाइट-बॉल दौरा बांग्लादेश हो सकता है और सितंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मुकाबले भी खेले जा सकते हैं। इसके अलावा वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज तथा जापान के ऐची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स भी टीम के आगामी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।

अशोक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के लिए बना यादगार पल

तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने इसी दौरे पर भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया, जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने कुछ दिन पहले इंग्लैंड दौरे पर अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया था। ऐसे में दोनों युवा खिलाड़ियों को ट्रॉफी सौंपना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।

धोनी से शुरू हुई परंपरा को आगे बढ़ा रहे भारतीय कप्तान

भारतीय क्रिकेट में बड़ी जीत के बाद ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों को सौंपने की परंपरा की शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इसके बाद विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, केएल राहुल, सूर्यकुमार यादव और अब श्रेयस अय्यर भी इस परंपरा को आगे बढ़ा चुके हैं। इस पहल को टीम इंडिया की मजबूत संस्कृति और ड्रेसिंग रूम में टीम भावना का प्रतीक माना जाता है, जहां जीत का श्रेय पूरी टीम को दिया जाता है।

Related Articles

Back to top button