उत्तराखंड

‘खेत बचाओ अभियान’ का आगाज, रुद्रपुर से किसानों के लिए बड़ी सौगात; ₹369.66 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, कई अहम घोषणाएं

ऊधम सिंह नगर: गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग की ओर से आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम के दौरान ₹369.66 करोड़ की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया तथा किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

₹369.66 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

कार्यक्रम में ₹46.32 करोड़ की लागत से तैयार 9 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया, जबकि ₹323.34 करोड़ की लागत वाली 32 नई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की योजनाओं को प्रदेश की जनता को समर्पित किया गया।

‘खेत बचेंगे तो धरती और जीवन भी सुरक्षित रहेगा’

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेतों का संरक्षण केवल किसानों का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी सुरक्षित रहेगी और पृथ्वी सुरक्षित रहेगी तो जीवन भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को अपनाने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है और किसानों की सेवा ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर पहुंच चुका है और कृषि क्षेत्र लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है।

उत्तराखंड को मिलेगा क्लीन प्लांट सेंटर, कीवी मिशन और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

केंद्रीय कृषि मंत्री ने किसानों के लिए कई बड़ी घोषणाएं करते हुए कहा कि सेब, अखरोट और बादाम जैसे उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन के लिए मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ और छोटी नर्सरी लगाने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है।

फसलों की सुरक्षा और मौसम की सटीक जानकारी के लिए बड़ा फैसला

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जाएगी। इससे किसानों को समय पर मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी अधिक प्रभावी तरीके से मिल सकेगा।

प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील

केंद्रीय मंत्री ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने और मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को सुरक्षित रखा जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि संरक्षित की जा सकती है।

‘स्वस्थ मिट्टी ही विकसित उत्तराखंड की नींव’

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी और स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की मजबूत आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ‘खेत बचाओ अभियान’ केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

किसानों को ब्याजमुक्त ऋण और 80 फीसदी तक अनुदान

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क दी जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के तहत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों के लिए वर्षा आधारित खेती को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी और बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज और मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार कर रही है। साथ ही स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

गणेश जोशी ने रखीं किसानों से जुड़ी अहम मांगें

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों और किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ कार्य के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता तथा मंडुवा और झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और किसान रहे मौजूद

कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा, बंशीधर भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, दीपक बाली, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, उत्तम दत्ता, जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, मनोज पाल, सचिव डॉ. एस.एन. पांडे, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, पंकज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, किसान और आमजन उपस्थित रहे।

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