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तमिलनाडु ने की केंद्र से मांग, भारत से कोरोना के टीकों के निर्यात पर लगे पूरी तरह से रोक

चेन्नई। तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को केंद्र से कोविड-19 टीकों का निर्यात फिर से शुरू करने के निर्णय को टालने का आग्रह किया। राज्य का कहना है कि अब तक देश की आबादी के केवल एक तिहाई लोग ही टीके की दोनों खुराक ले सके हैं। सभी लागों को पूरी तरह टीका उपलब्ध कराने को लेकर अभी 115 करोड़ टीके की खुराक की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने सोमवार को कहा था कि ‘टीका मैत्री कार्यक्रम’ के तहत अतिरिक्त कोविड-19 टीकों का निर्यात अगले महीने शुरू होगा।

राज्य के चिकित्सा और परिवार कल्याण मंत्री मा सुब्रमणियम ने मंगलवार को वनागरम के अपोलो अस्पताल में सिमुलेशन केंद्र का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत में टीकाकरण कार्यक्रम का स्वागत किया गया है क्योंकि लोगों को टीका लगाना कोविड-19 के खिलाफ अभियान का प्रमुख हिस्सा है। उन्होंने कहा लेकिन टीके की कमी के कारण तमिलनाडु में 20 और 21 सितंबर को टीकाकरण शिविर नहीं लगाये जा सके।

मंत्री के अनुसार केंद्र ने घोषणा की थी कि देश भर में 80 करोड़ लोगों को टीके लगाये जा चुके हैं। इनमें से 61 करोड़ को पहली खुराक मिली है। सुब्रमणियम ने कहा कि अब तक टीकाकरण के लिये पात्र कुल आबादी के एक तिहाई लोगों को ही टीके की दूसरी खुराक लगायी गयी है। ऐसे में देश को अभी भी 115 करोड़ खुराक की जरूरत है।

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