
गया: बिहार के गया जिले में शादी के नाम पर कथित ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। राजस्थान से विवाह करने पहुंचे एक युवक ने आरोप लगाया है कि शादी की सभी रस्में पूरी होने के कुछ घंटों बाद ही दुल्हन अपने परिजनों के साथ नकदी और जेवर लेकर फरार हो गई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मध्यस्थ के जरिए तय हुई थी शादी
जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के टोंक जिले के रहने वाले गणेश साव की शादी एक मध्यस्थ महिला के माध्यम से तय कराई गई थी। दूल्हा पक्ष का कहना है कि उन्हें पहले लड़की की तस्वीर दिखाई गई, जिसके बाद दोनों परिवारों के बीच बातचीत आगे बढ़ी और विवाह तय हुआ।
आरोप है कि शादी से पहले लड़की पक्ष की ओर से नकद रकम और जेवरात की मांग की गई थी। इसके बाद दूल्हा पक्ष कथित तौर पर तय रकम और सामान लेकर बिहार के गया जिले पहुंचा।
देर रात हुई शादी, सुबह मिला बंद घर
बताया जा रहा है कि बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार देर रात विवाह संपन्न कराया गया। दूल्हा पक्ष के अनुसार, दुल्हन की विदाई अगले दिन सुबह होनी थी और रात में उन्हें गांव में ही रुकने के लिए कहा गया।
परिवार का आरोप है कि जब वे सुबह विदाई के लिए दुल्हन के घर पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। घर पूरी तरह खाली था और दुल्हन समेत उसके परिजन मौके से गायब थे। इस घटना के बाद दूल्हा पक्ष के होश उड़ गए।
नकदी और जेवर लेकर फरार होने का आरोप
दूल्हा पक्ष का दावा है कि शादी के दौरान दुल्हन को सोने-चांदी के जेवर, कपड़े और नकद राशि दी गई थी। परिवार का आरोप है कि एक लाख रुपये से अधिक की नकदी समेत अन्य सामान लेकर दुल्हन पक्ष फरार हो गया।
दूल्हे के बड़े भाई ने यह भी आरोप लगाया कि शादी तय कराने वाली महिला लगातार जल्दबाजी में विवाह कराने का दबाव बना रही थी और उसी के कहने पर रात में ही सभी रस्में पूरी करवाई गईं।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने बेलागंज थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस कथित दुल्हन, उसके परिजनों और शादी तय कराने वाली मध्यस्थ महिला की भूमिका की जांच में जुटी हुई है। यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।



