
कटे हाथ से उठी सियासत की आग: कानपुर कांड पर अखिलेश का हमला, बोले- डबल इंजन सरकार आमने-सामने बंदूक ताने खड़ी
लखनऊ: कानपुर में आईटीबीपी जवान की मां का हाथ काटे जाने के मामले ने अब बड़ा सियासी रूप ले लिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। वहीं कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता के आरोप लगाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार और उसकी पुलिस की नाइंसाफी और ज्यादती देखकर अब आईटीबीपी को भी उन पर भरोसा नहीं रह गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली का भरोसा लखनऊ से उठ गया है, तभी ऐसी घेराबंदी देखने को मिली। सपा प्रमुख ने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसा डबल इंजन है, जो एक-दूसरे के खिलाफ बंदूक ताने खड़ा दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा, कहा- न्याय के लिए जवान को उठानी पड़ी आवाज
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने भी इस मामले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि एक जवान अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाता रहा और प्रशासन सोता रहा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध मुक्त प्रदेश और त्वरित न्याय के दावे करती है, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है।
पार्टी ने कहा कि कानपुर की घटना ने सरकारी दावों की परतें खोल दी हैं। आरोप लगाया गया कि अस्पताल की कथित लापरवाही से बुजुर्ग महिला का हाथ काटना पड़ा, जबकि जांच समिति ने मामले में लीपापोती की कोशिश की।
आईटीबीपी जवानों की मौजूदगी पर उठा विवाद
शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के अधिकारियों ने कानपुर पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर निजी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस आयुक्तालय में हथियारबंद जवानों की मौजूदगी के बाद ऐसी चर्चाएं शुरू हो गईं कि आईटीबीपी ने पुलिस कार्यालय का घेराव किया है।
हालांकि पुलिस और आईटीबीपी दोनों ने इन खबरों का खंडन किया। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया कि यह मुलाकात पहले से तय थी और बैठक के लिए समय लिया गया था।
कृष्णा अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप
महाराजपुर स्थित आईटीबीपी की 32वीं बटालियन में तैनात जवान विकास सिंह ने कृष्णा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। विकास सिंह के मुताबिक उनकी 56 वर्षीय मां निर्मला देवी को सांस लेने में तकलीफ होने पर 13 मई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान लगाए गए इंजेक्शन के बाद उनकी मां के दाहिने हाथ में गंभीर सूजन और संक्रमण हो गया। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों को हाथ काटना पड़ा।
अब संयुक्त जांच समिति करेगी मामले की पड़ताल
विकास सिंह का आरोप है कि अस्पताल के खिलाफ कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसी नाराजगी के बीच वह अपनी मां का कटा हाथ लेकर सोमवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे थे।
शनिवार को हुई बैठक के बाद पुलिस आयुक्त ने मामले की जांच के लिए संयुक्त समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस समिति में पुलिस अधिकारी, आईटीबीपी के चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा नामित डॉक्टर शामिल होंगे।



