Oracle में फिर छंटनी की आहट! 10 हजार तक कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, भारत पर भी मंडरा रहा खतरा

Lucknow : दिग्गज अमेरिकी आईटी कंपनी Oracle में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी की खबर से कर्मचारियों में चिंता बढ़ गई है। लागत कम करने की कोशिश के तहत कंपनी अपने वैश्विक कार्यबल में बड़ी कटौती की तैयारी कर रही है। हालांकि, Oracle ने अभी तक आधिकारिक तौर पर छंटनी का कोई ऐलान नहीं किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी दुनियाभर में 7,000 से 10,000 कर्मचारियों को नौकरी से हटा सकती है। भारत में इस संभावित छंटनी का कितना असर होगा, इसे लेकर फिलहाल कोई सटीक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
AI और क्लाउड में निवेश बढ़ा, अब खर्च घटाने की तैयारी
Oracle इस समय क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। कारोबार की बदलती प्राथमिकताओं के बीच कंपनी खर्चों को नियंत्रित करने पर जोर दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रबंधन ने मैनेजरों और विभिन्न टीमों को अपने कुल बजट में कटौती करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते कई विभागों में नौकरियों पर संकट गहराने की आशंका है।
किस टीम पर पड़ेगी सबसे पहले गाज?
मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति के मुताबिक संभावित छंटनी किसी एक खास टीम तक सीमित नहीं होगी। कंपनी के अलग-अलग विभागों में इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में कर्मचारियों के लिए यह अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है कि किन पदों या टीमों को सबसे पहले निशाना बनाया जाएगा।
सितंबर में शुरू हो सकती है छंटनी
Oracle की ओर से नौकरी में कटौती शुरू करने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि कर्मचारियों को मिले संकेतों के अनुसार सितंबर की शुरुआत या मध्य में छंटनी का दौर शुरू हो सकता है। इस अनिश्चितता ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर वरिष्ठ कर्मचारियों और ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बीच नौकरी जाने का डर अधिक बताया जा रहा है।
एक साल में 21 हजार नौकरियां पहले ही कम हुईं
Oracle पहले भी अपने कार्यबल में बड़ी कटौती कर चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 31 मई को समाप्त हुए 12 महीनों के दौरान कंपनी ने करीब 21,000 नौकरियां कम कीं। इसके चलते कंपनी का वैश्विक कार्यबल करीब 13 प्रतिशत घटकर लगभग 1,41,000 रह गया।
रीस्ट्रक्चरिंग से 30 हजार पद प्रभावित होने की रिपोर्ट
रिपोर्ट्स के अनुसार Oracle की पुनर्गठन प्रक्रिया का कुल असर दुनियाभर में करीब 30,000 पदों पर पड़ा है। अब 7,000 से 10,000 कर्मचारियों की संभावित नई कटौती की खबर ने आईटी सेक्टर में चिंता बढ़ा दी है। कंपनी की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तविक छंटनी कितनी बड़ी होगी और भारत में इसका कितना असर पड़ेगा।



