होर्मुज में ड्रोन हमले के बाद फिर गरमाया पश्चिम एशिया, अमेरिका का जवाबी एक्शन; जेडी वेंस की ईरान को दो टूक चेतावनी

वाशिंगटन: ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर हिंसा का रास्ता चुना गया तो अमेरिका भी उसी भाषा में जवाब देगा।
जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम समझौते का पूरी तरह सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीतिक माध्यमों से होना चाहिए, लेकिन यदि अमेरिकी हितों या अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर हमला हुआ तो उसका जवाब भी सख्ती से दिया जाएगा।
जेडी वेंस का सख्त संदेश
उपराष्ट्रपति वेंस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी प्रकार की हिंसक कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई पक्ष आक्रामक कदम उठाता है तो अमेरिका अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा।
ट्रंप ने कहा- कमजोर हुई ईरान की सैन्य ताकत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ताजा घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि हालिया सैन्य अभियानों के बाद ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हुई है, हालांकि उसके पास अभी भी कुछ संसाधन और क्षमताएं मौजूद हैं।
ट्रंप के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाकर चार ड्रोन भेजे गए थे। अमेरिकी सेना ने इनमें से तीन ड्रोन को मार गिराया, जबकि एक ड्रोन जहाज से टकरा गया, जिससे नुकसान हुआ। संभावित अगली कार्रवाई को लेकर ट्रंप ने कहा कि इसका जवाब जल्द दुनिया के सामने होगा।
कार्गो जहाज पर ड्रोन हमले का आरोप
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, 25 जून को ओमान तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे सिंगापुर के ध्वज वाले कार्गो जहाज एम/वी एवर लवली पर आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया। अमेरिका ने इस हमले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जिस समुद्री मार्ग पर हमला हुआ, वह संयुक्त राष्ट्र और ओमान की ओर से सुरक्षित नौवहन कॉरिडोर के रूप में चिन्हित है। वहीं ईरान लंबे समय से इस क्षेत्र में वैकल्पिक समुद्री मार्गों के उपयोग की वकालत करता रहा है।
ड्रोन हमले के बाद अमेरिका का सैन्य एक्शन
हमले के अगले ही दिन अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों में स्थित मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों के साथ-साथ तटीय रडार प्रणालियों को निशाना बनाया। अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि यह कार्रवाई सीमित और लक्ष्य आधारित थी, जिसका उद्देश्य केवल संभावित सैन्य खतरे को कम करना था।
ईरान ने भी किया पलटवार का दावा
ईरान ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दक्षिणी शहर सीरिक के निकट एक बंदरगाह क्षेत्र को निशाना बनाया गया, जिसके बाद ईरानी नौसेना ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की। हालांकि दोनों देशों ने अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहतों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
ताजा घटनाक्रम के बाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन ने सुरक्षा कारणों से कुछ अभियानों को अस्थायी रूप से रोक दिया है।
अमेरिका का कहना है कि उसकी नौसेना अब भी इस रणनीतिक मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा और मार्गदर्शन प्रदान कर रही है, ताकि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर कोई बड़ा असर न पड़े। हालांकि हालिया घटनाएं संकेत दे रही हैं कि युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।



