ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति मुर्मू को दिया गया अनोखा बुके, लौटाते हुए बोलीं- इसे गरीब बच्चों में बांट दीजिए

खंडवा: मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को ओंकारेश्वर में भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए। इस दौरान उनके स्वागत के लिए किए गए विशेष इंतजामों के बीच एक अनोखा उपहार सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया। खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे ने राष्ट्रपति को फूलों के बजाय स्टेशनरी सामग्री से तैयार किया गया विशेष गुलदस्ता भेंट किया, जिसे देखकर राष्ट्रपति प्रभावित हो गईं।
ओंकारेश्वर हेलीपैड पर राष्ट्रपति के आगमन पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। वहीं सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने उन्हें नर्मदेश्वर शिवलिंग, शंख और ओंकारेश्वर तीर्थ का छायाचित्र स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया।
स्टेशनरी से बना बुके बना आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रपति के स्वागत समारोह में उस समय एक अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब खंडवा विधायक कंचन तनवे पारंपरिक फूलों के गुलदस्ते के बजाय पेन, पेंसिल, रबर और अन्य स्टेशनरी सामग्री से तैयार विशेष बुके लेकर पहुंचीं। इस अनोखे उपहार ने राष्ट्रपति का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
राष्ट्रपति मुर्मू कुछ क्षणों के लिए रुकीं और उन्होंने इस विशेष बुके के बारे में जानकारी ली। विधायक कंचन तनवे ने बताया कि यह बुके पूरी तरह स्टेशनरी सामग्री से बनाया गया है और इसका उद्देश्य शिक्षा के महत्व का संदेश देना है।
राष्ट्रपति ने की पहल की सराहना
विधायक की सोच और शिक्षा के प्रति संदेश से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू काफी प्रभावित नजर आईं। उन्होंने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा का संदेश देने वाले ऐसे प्रयास समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि देश में शिक्षा का विस्तार और जागरूकता बढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण कार्यों में से एक है।
इस दौरान राष्ट्रपति ने लगभग एक मिनट तक विधायक कंचन तनवे से बातचीत की। जहां अन्य जनप्रतिनिधियों के स्वागत उपहार स्वीकार कर वे आगे बढ़ती रहीं, वहीं इस विशेष बुके को उन्होंने ध्यानपूर्वक देखा और उसके साथ तस्वीर भी खिंचवाई।
‘गरीब बच्चों में बांट दीजिए’
विशेष बुके को स्वीकार करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने उसे विधायक कंचन तनवे को वापस सौंप दिया। उन्होंने कहा कि इसमें उपयोग की गई स्टेशनरी सामग्री गरीब और जरूरतमंद बच्चों के बीच वितरित कर दी जाए। राष्ट्रपति की इस संवेदनशील पहल ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
जानकारी के अनुसार, करीब 24 वर्षों बाद किसी राष्ट्रपति का खंडवा जिले में आगमन हुआ है। यही कारण रहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों में राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया और सभी अपने-अपने अंदाज में उनका अभिनंदन करने पहुंचे।
ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में की पूजा-अर्चना
दौरे के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओंकारेश्वर तीर्थ और द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल ममलेश्वर मंदिर में दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। गर्भगृह में प्रवेश से पहले उन्होंने नंदी प्रतिमा पर बेलपत्र अर्पित कर आशीर्वाद लिया।
इसके बाद मुख्य पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन कराया। राष्ट्रपति ने पूजा के दौरान देशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की।



