उत्तर प्रदेशराज्य

पर्यटकों की बढ़ती संख्या पर योगी सरकार का बड़ा फैसला! होम स्टे नीति में बदलाव, अब 8 कमरे तक होंगे पंजीकृत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के लगातार विस्तार और पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए योगी सरकार ने बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) एवं होम स्टे नीति-2025 में अहम संशोधन किए हैं। नई व्यवस्था के तहत होम स्टे और बीएंडबी इकाइयों के पंजीकरण नियमों को सरल बनाया गया है, वहीं संचालकों को ऑनलाइन ऑटो रिन्यूअल की सुविधा भी दी गई है।

सरकार का मानना है कि इन बदलावों से प्रदेश में किफायती और गुणवत्तापूर्ण आवास सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

अब 6 नहीं, 8 कमरे तक करा सकेंगे पंजीकरण

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि संशोधित नीति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में संचालित होम स्टे इकाइयों में अब न्यूनतम एक और अधिकतम आठ कमरों, यानी 16 बेड तक का पंजीकरण कराया जा सकेगा। पहले यह सीमा अधिकतम छह कमरों तक निर्धारित थी।

उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में होम स्टे केवल ऐसी आवासीय संपत्तियों में संचालित किए जा सकेंगे, जो आवेदक की स्वयं की हों या विकास प्राधिकरण से लीज पर प्राप्त भूमि पर निर्मित हों। साथ ही संपत्ति मालिक या उसके परिवार का उसी परिसर में निवास करना भी अनिवार्य होगा।

आवास के साथ भोजन की सुविधा भी मिलेगी

बीएंडबी श्रेणी के तहत आवासीय या लीज पर लिए गए भवनों में अधिकतम आठ कमरों का पंजीकरण किया जा सकेगा। इन इकाइयों में देशी और विदेशी पर्यटकों को ठहरने के साथ नाश्ता और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

नई व्यवस्था के मुताबिक बीएंडबी इकाइयों में केयरटेकर का निवास अनिवार्य होगा। वहीं, लीज पर संचालित भवनों के लिए न्यूनतम तीन वर्ष की लीज अवधि तय की गई है। 16 बेड क्षमता वाली डॉरमेट्री को भी इस श्रेणी के लिए पात्र माना गया है।

बड़ी क्षमता वाली इकाइयां योजना से बाहर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आठ कमरों से अधिक क्षमता वाले आवासीय भवन, होटल, मोटल और गेस्ट हाउस जैसी इकाइयों को इस योजना के तहत पंजीकरण की अनुमति नहीं मिलेगी। यह नीति मुख्य रूप से छोटे और मध्यम स्तर के आवासीय प्रतिष्ठानों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

ऑटो रिन्यूअल से संचालकों को राहत

संशोधित नीति के तहत पंजीकृत इकाइयों को बड़ी राहत देते हुए पोर्टल आधारित स्वतः नवीनीकरण की सुविधा शुरू की गई है। अब संचालक अपने पंजीकरण की अवधि समाप्त होने से तीन माह पहले विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर ऑटो रिन्यूअल की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन विभाग अमृत अभिजात ने कहा कि यह संशोधन प्रदेश में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने, स्थानीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और पर्यटन आधारित रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक भागीदारी आधारित पर्यटन मॉडल को मजबूती देने और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण आवास क्षमता बढ़ाने के लिए यह पहल विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी।

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