उत्तर प्रदेश

फायर NOC पर योगी का सख्त एक्शन! वैधता खत्म होने से पहले भेजें नोटिस, बिजली चोरी और एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट्स पर भी दिए बड़े निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अग्नि सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश में किसी भी स्थिति में जनसुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन संस्थानों की फायर एनओसी की अवधि समाप्त होने वाली है या जिनके पास वैध फायर एनओसी नहीं है, उन्हें तत्काल नोटिस जारी किए जाएं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री रविवार को स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेश की विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ग्रामीण आजीविका, ऊर्जा, कृषि, डेटा सेंटर और ईवी चार्जिंग समेत कई जनहितकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और होटलों की होगी जांच

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला स्तरीय महिला एवं पुरुष अस्पतालों तथा होटलों में फायर एनओसी की स्थिति का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाए, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 85 फीसदी भूमि अधिग्रहण पूरा

बैठक में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर यानी 84.80 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है।

इसके अलावा आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 49.05 प्रतिशत भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। वहीं झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति पर संतोष जताते हुए निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी प्रस्तावित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को और तेज करने को कहा।

औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे एक्सप्रेसवे

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में विकसित हो रहे नए एक्सप्रेसवे भविष्य में औद्योगिक विकास की नई रीढ़ साबित होंगे। इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त भूमि की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए। बैठक में मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब परियोजना को समय पर पूरा करने के निर्देश

ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश भूमि उपलब्ध हो चुकी है और शेष अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के सभी लंबित कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

मॉडल बिल्डिंग बायलॉज पर 15 दिन में पूरी हो प्रक्रिया

औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राप्त आपत्तियों और सुझावों का परीक्षण कर आगामी 15 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूर्ण की जाए। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

ग्रामीण आजीविका मिशन में भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्य, जिला और विकासखंड स्तर पर रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने चयन और तैनाती की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया।

ईवी चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने पर जोर

प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री ने ईवी चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में निजी निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं और निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। साथ ही आवश्यक अनुमतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार किया जाए।

डेटा सेंटर परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के उद्देश्य से डेटा सेंटर क्लस्टर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और मेनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को हटाने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बिजली चोरी पर चलेगा विशेष अभियान

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ, आगरा और सहारनपुर मंडल के अधिकारियों को लाइन लॉस के लिए फीडरवार जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

Related Articles

Back to top button