जॉबलेस इंडिया बना रहा नीति आयोग : बीएमएस

भारत में पहले से ही बेरोजगारी की समस्या एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। मगर नीति आयोग ने इस मामले में अभी गंभीरता से विचार नहीं किया है। बल्कि उसकी नीतियां ही देश में बेरोजगारी बढ़ा रही हैं। सजी नारायणन ने केंद्र से नीति आयोग को पुनर्गठित करने की मांग करते हुए कहा है कि श्रमिक क्षेत्र के जानकार लोगों को नीति आयोग में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी भी दी है कि यदि ऐसा नही होता है तो भारतीय मजदूर संघ को बड़े आन्दोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा ।
कृषि और लघु उद्योग पर नहीं आयोग का ध्यान
सजी नारायण का कहना है कि भारत के अन्दर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए कृषि एवं लघु उद्योग क्षेत्र सबसे अहम है। मगर दोनों ही क्षेत्र भारी संकट से गुजर रहे हैं आयोग का इनकी ओर ध्यान ही नहीं है। गलत नीति के कारण कृषि भूमि को औद्योगिक भूमि में बदला जा रहा है और औद्योगिक भूमि को सेवा क्षेत्र में बदला जा रहा है ।
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सरकार को सलाह देने के लिए नीति आयोग बना
बीएमएस का कहना है कि नीति आयोग का गठन सरकार को रोजगार श्रृजित करने की सलाह के लिए बना है। जबकि यह रोजगार छीनकर, देश की अर्थव्यवस्था को गलत दिशा में ले जा रहा है ।
नीति आयोग की प्रमुख गतिविधि विनिवेशीकरण है, जिससे देश के सार्वजनिक क्षेत्र के गुणवत्ता और रोजगार पर विपरित असर पड़ेगा । नीति आयोग भी भारत के अन्दर विदेशी पूंजी निवेश की नीति के माध्यम से अमेरिका की वालमार्ट सरीखे कार्यप्रणाली वाली कंपनियों को प्रोत्साहन दे रहा है ।



