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ताज मामले पर बहुगुणा ने दी सफाई, कहा- ताजमहल पर खर्च किए जाएंगे 156 करोड़ रुपए

नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्व धरोहर ताजमहल को बेशक राज्य की पर्यटन सूचि से हटा दिया हो, लेकिन फिर भी प्रशासन ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं मोड़ा. दरअसल, प्रदेश सरकार ने विश्व बैंक के सहयोग से संचालित ‘प्रो पुअर टुरिज्म’ योजना के तहत 370 करोड़ रुपए की परियोजनाएं प्रस्तावित है, जिसमें ताजमहल और उसके क्षेत्र के विकास से जुड़े लगभग 156 करोड़ रुपये के कार्य भी शामिल किये गए हैं।

ताज मामले पर बहुगुणा ने दी सफाई, कहा- ताजमहल पर खर्च किए जाएंगे 156 करोड़ रुपए  राज्य की पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि ताजमहल अथवा ताजमहल क्षेत्र के विकास के संबंध में 156 करोड़ रुपए की जो परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जिसमें आगरा के कछपुरा तथा मेहताब बाग क्षेत्र के पुनरुद्धार की 22 करोड़ 91 लाख रुपए की परियोजना तथा कछपुरा में 3 करोड़ रुपए की धनराशि से निर्मित कराया जाने वाला सीवेज ट्रीटमेण्ट प्लांट भी शामिल है।

इसके अलावा ताजमहल एवं आगरा किले के बीच शाहजहां पार्क तथा वॉक वे के पुनरुद्धार के लिए 22 करोड़ 66 लाख रुपए की परियोजना भी शामिल की गई है। ताजमहल के पश्चिमी द्वार पर 107 करोड़ 49 लाख रुपए की राशि से आगन्तुक केन्द्र का निर्माण एवं पार्किंग व्यवस्था का पुनर्सुधार कराया जाएगा। साथ ही रिवरफ्रंट विकास के साथ -साथ रामबाग से मेहताबाग क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास की परियोजना भी प्रस्तावित की गई है।

यहां बता दें कि सरकार के छह महीने पूरे होने के अवसर पर डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने विभाग की ओर से एक बुकलेट जारी की थी, जिसमें आगरा का नाम नहीं था। इसको लेकर यह आशंकाएं व्यक्त की जा रही थीं कि ताजमहल क्षेत्र का विकास सरकार की प्राथमिकता में शामिल नहीं है। सरकार के प्रवक्ता ने इन आशंकाओं को निराधार बताया है।

 

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