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पुलिसकर्मी बंधककांड में गुजरात के आईपीएस अफसर को मिली ‘क्लीनचिट’

अ1_1452147194हमदाबाद। 13 पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास पर बंधक बनाए रखने के गुजरात के बहुचर्चित पुलिसकर्मी बंधक कांड में आईपीएस विपुल विजॉय को ‘क्लीनचिट’ मिल गई है। इस अधिकारी और उनकी पत्नी पर 13 पुलिसकर्मियों को सरकारी आवास के गैरेज में दो दिन तक ‘बंधक’ की तरह बिठाए रखने का आरोप था।
 
दूसरी रिपोर्ट, पहले में ही था विजॉय का बयान :
दरअसल, दो सदस्यीय जांच दल ने आईपीएस विजॉय को मामल में ‘आंशिक- गैरजिम्मेदार’ माना है। गृह विभाग को सौंपी रिपोर्ट में जांच दल ने आईपीएस अधिकारी विजॉय की मामले में ‘आंशिक- गैरजिम्मेदार’ साबित होने की रिपोर्ट दी है। ये इस मामले की दूसरी रिपोर्ट है। पहली जांच होमगॉर्ड के डीजीपी एच.पी. सिंह ने की थी, लेकिन सिंह के समक्ष आईपीएस विजॉय बयान दर्ज करवाने के लिए पेश नहीं हुए थे।
 
वीडियो और ऑडियो क्लिप आई थी सामने:
पुलिसकर्मियों को बंगले में बंधक बनाए जाने का एक वीडियो भी सामने आया था। वीडियो एक पुलिसकर्मी द्वारा ही बनाया गया था। वीडियो में सभी पुलिसकर्मी बंगले के गैरेज में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा हमारी अहमदाबाद टीम के पास एक ऑडियो क्लिप भी आई थी, जिसमें स्मिता विजोय की आवाज होने का दावा किया गया था। इस ऑडियो क्लिप में स्मिता किसी काम के लिए पुलिसकर्मियों को फटकार लगा रही हैं और वॉर्निग दे रही हैं कि कोई भी सुबह तक उनकी मर्जी के बगैर बंगले से बाहर नहीं जाएगा।
 
हमारे साथ अन्याय हुआ: पुलिसकर्मी
दूसरी ओर, पीड़ित पुलिसकर्मियों ने बंधक बनाए रखने के आरोप को दोहराते हुए कहा है कि ऐसा हुआ था। कुछ भी गलत बयान नहीं दिया है। दो दिन तक हमें बंधक बनाए रखने के मामले में इस तरह की क्लीनचिट हमारे साथ अन्याय है।

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