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मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन; अस्पताल से पहले थमी सांसें

प्रतीक यादव को हालात खराब होने पर आज सुबह करीब 6:15 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया।

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव का आज सुबह संदिग्ध परिस्थिति में निधन हो गया। दिवंगत प्रतीक यादव उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पति थे। उनके निधन से यादव परिवार में शोक छा गया है।

सुबह 6.15 पर भर्ती कराया अस्पताल
उत्तर प्रदेश की राजनीति के पुरोधा रहे पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का आज बुधवार तड़के संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हुआ। सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव को हालात खराब होने पर आज सुबह करीब 6:15 बजे लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया। जहां सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता ने उनके निधन की पुष्टि की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस द्वारा प्रतीक यादव के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

30 अप्रैल को खराब हो गई थी तबियत
प्रतीक यादव की बीती 30 अप्रैल को उनकी तबीयत काफी गंभीर हो गई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां तीन दिनों तक उनका इलाज चला और स्वास्थ्य में मामूली सुधार होने पर वे बिना किसी औपचारिक छुट्टी (डिस्चार्ज) के घर वापस आ गए थे। आज बुधवार सुबह जब वे घर पर सो रहे थे, तभी अचानक उनकी हालात फिर बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल गये। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि जिस समय उन्हें अस्पताल लाया गया, पत्नी अपर्णा यादव उनके साथ नहीं थीं।

यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से उच्च शिक्षा प्राप्त
ब्रिटेन की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले प्रतीक यादव ने खुद को हमेशा राजनीति के शोर-शराबे से दूर रखा। उन्होंने बिजनेस जगत, विशेषकर रियल एस्टेट और फिटनेस सेक्टर में अपनी पहचान बनाई थी। लखनऊ के गोमती नगर में उनका ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम का जिम काफी मशहूर है। इसके अलावा, प्रतीक का पशु प्रेम किसी से छिपा नहीं था। वे ‘जीव आश्रय’ नाम की संस्था के माध्यम से लावारिस और बीमार कुत्तों के रेस्क्यू, इलाज और उनके भोजन का एक बड़ा अभियान चला रहे थे।

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