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रामनाथ कोविंद की ‘विराट’ जीत के लिए आज रखी जाएगी नींव

नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद (Ram nath kovind) की बड़ी जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में रविवार शाम बैठक बुलाई गई है. तय कार्यक्रम के मुताबिक यह बैठक शाम 4 बजे हो सकती है. इस बैठक में पीएम मोदी एनडीए (NDA) के नेताओं के साथ मंत्रणा करेंगे कि विपक्ष की प्रत्याशी मीरा कुमार (Meira kumar) के मुकाबले रामनाथ कोविंद कैसे ज्यादा वोट दिलाए जाएं. यहां रामनाथ कोविंद खुद भी मौजूद रहेंगे और अपने पक्ष में वोट डालने के लिए बैठक में मौजूद नेताओं और उनकी पार्टियों से अपील करेंगे. मीरा कुमार को भले ही 17 विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है, लेकिन वोटों के मामले में वह कोविंद से काफी पिछड़ती दिख रही हैं. आंकड़े इशारा कर रहे हैं कि रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना लगभग तय है. ऐसे में राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेंद्र मोदी इस जुगत में जुटे हैं कि रामनाथ कोविंद के जीत के अंतर को और बड़ा किया जाए ताकि इस शक्ति के बल पर 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी को और भी कमजोर किया जा सके. बीजेपी की लगातार विपक्षी खेमे के दलों को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटे हैं. 

राष्ट्रपति चुनाव (Presidential election 2017) में बीजेपी की ओर से अब तक चले गए दांव पर नजर डालें तो वह कांग्रेस की अगुवाई वाली विपक्षी दलों के खेमे में काफी हद तक सेंध लगाने में सफल रही है. यूपीए (UPA) के प्रमुख घटक दल और तीन राज्यों में सरकारें चला रहीं जदयू, बीजद, टीआरएस और वाईएसआरसीपी एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को वोट देने का ऐलान कर चुकी हैं. नीतीश कुमार, नवीन पटनायक और चंद्रशेखर राव ऐसे मुख्यमंत्री हैं खुलकर रामनाथ कोविंद की तारीफ कर चुके हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव भी एनडीए प्रत्याशी को समर्थन करने की बात कर चुके हैं. जबकि इनकी पार्टी सपा और इसके मुखिया अखिलेश यादव यूपीए के प्रत्याशी मीरा कुमार के समर्थन में हैं.

आइए जानें क्यों पक्की है रामनाथ कोविंद की जीत

बिहार के राज्यपाल का पद छोड़कर राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बने रामनाथ कोविंद्र के समर्थन में एनडीए और गैर एनडीए क्षेत्रीय पार्टियों का 63.1 फीसदी वोट है. वैसे तो एनडीए के पास खुद कमोबेश 48.9 फीसदी वोट है और कई अन्य गैर एनडीए क्षेत्रीय पार्टियों को मिलाकर यह आंकड़ा 63 फीसदी तक पहुंच जाता है.

कोविंद को समर्थन देने वाली गैर एनडीए पार्टियों में जदयू (1.91 फीसदी), एआईएडीएमके (5.39 फीसदी), बीजद (2.99 फीसदी), टीआरएस (2 फीसदी), वाईएसआरसीपी (1.53 फीसदी) और रालोद (0.38 फीसदी) है. एआईएडीएमके के दोनों गुटों ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन देने का फैसला लिया है. इससे कोविंद को मीरा कुमार पर निर्णायक बढ़त हासिल हो जाती है. 17 जुलाई को मतदान होगा और 20 जुलाई को मतगणना की जाएगी.

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