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सिद्धारमैया ने राहुल गांधी-खड़गे से की मुलाकात, कर्नाटक की नई सत्ता संरचना पर दिल्ली में मंथन तेज

नई दिल्ली: कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया ने दिल्ली पहुंचकर कांग्रेस नेतृत्व के साथ अहम बैठकें कीं। कर्नाटक में नई सरकार के गठन और सत्ता संतुलन को लेकर अब राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कार्यवाहक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात कर नई कैबिनेट को लेकर अपनी प्राथमिकताओं पर चर्चा की।

बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने राहुल गांधी को संभावित मंत्रियों की सूची सौंपी है। इस सूची में उन नेताओं के नाम शामिल हैं जिन्हें वह नई सरकार में मंत्री बनते देखना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा और एमएलसी चुनाव के लिए भी अपनी पसंद के उम्मीदवारों के नाम कांग्रेस नेतृत्व को सौंप दिए हैं।

बेटे यतींद्र के लिए अहम मंत्रालय की मांग

सूत्रों के अनुसार सिद्धारमैया ने अपने बेटे डॉक्टर यतींद्र सिद्धारमैया के लिए भी अहम विभागों की मांग रखी है। उन्होंने चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उद्योग या जल संसाधन विभाग जैसे मंत्रालयों की इच्छा जताई है।

राहुल गांधी से मुलाकात के अलावा सिद्धारमैया ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी अलग से चर्चा की। दोनों नेताओं की मुलाकात की तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें खड़गे सिद्धारमैया के कंधे पर हाथ रखे दिखाई दे रहे हैं। राजनीतिक हलकों में इसे नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

तीन डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर चर्चा तेज

नई सरकार में तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा भी जोर पकड़ रही है। कांग्रेस सामाजिक समीकरण साधने के लिए अलग-अलग समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक एससी वर्ग से जी परमेश्वर या प्रियंक खड़गे का नाम डिप्टी सीएम पद के दावेदारों में शामिल है। वहीं एसटी समुदाय से सतीश जरकीहोली और लिंगायत समाज से एमबी पाटिल का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है।

‘एक व्यक्ति, एक पद’ फॉर्मूले पर कांग्रेस सख्त

इस बीच कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सतीश जरकीहोली से फोन पर बातचीत की। बताया गया कि वेणुगोपाल ने साफ कहा कि पार्टी ‘एक व्यक्ति, एक पद’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने सतीश जरकीहोली से कहा कि उन्हें कैबिनेट मंत्री और प्रदेश अध्यक्ष में से किसी एक पद को चुनना होगा।

सूत्रों के अनुसार सतीश जरकीहोली ने इस मुद्दे पर सिद्धारमैया से चर्चा के बाद अंतिम फैसला बताने की बात कही है।

राज्यसभा को लेकर बना हुआ है सस्पेंस

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब राज्यसभा सीटों और संगठनात्मक पदों को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में जुटा है।

हालांकि राज्यसभा के लिए किन नेताओं को मौका मिलेगा, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। दिल्ली में जारी बैठकों के बाद ही नई राजनीतिक तस्वीर साफ होने की संभावना जताई जा रही है।

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