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यमन में जेल पर एयरस्ट्राइक का आरोप, 7 की मौत का दावा; हूतियों ने सऊदी अरब को दी जवाबी कार्रवाई की धमकी

नई दिल्ली: यमन में संघर्ष एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। हूती विद्रोहियों ने सोमवार को सऊदी अरब पर उत्तरी यमन के जौफ प्रांत में एक जेल को हवाई हमले में निशाना बनाने का आरोप लगाया है। हूतियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। 7 लोग घायल बताए गए हैं, जिनमें एक महिला भी है।

हज्म की सेंट्रल जेल में हमले का दावा, मलबे में फंसे कैदी

जौफ प्रांत के हज्म शहर स्थित सेंट्रल करेक्टिव फैसिलिटी में यह हमला होने की बात कही गई है। हूती संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, जेल की इमारत का एक हिस्सा ढह गया। इसके बाद मलबे में 35 कैदियों और अपने पति से मिलने पहुंची एक महिला के फंसे होने की जानकारी दी गई है।

हूती मीडिया ने हमले के बाद के वीडियो भी प्रसारित किए हैं। इन तस्वीरों में क्षतिग्रस्त इमारत, आसपास बिखरा मलबा और लोगों की तलाश में जुटी बचाव टीमें दिखाई दे रही हैं।

हूती सैन्य प्रवक्ता बोले- हमले का दिया जाएगा जवाब

हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने जौफ में हवाई हमला कर नरसंहार करने का सऊदी अरब पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा और सऊदी अरब को इसकी कीमत चुकानी होगी।

याह्या सरी ने बाद में दावा किया कि हूती लड़ाकों ने पिछले 24 घंटे के दौरान सऊदी अरब के चार टोही ड्रोन भी मार गिराए हैं। हालांकि, इन दावों पर सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

कई मोर्चों पर सरकारी बलों की बढ़त का दावा

जेल पर हमले का आरोप ऐसे समय लगाया गया है, जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के प्रति वफादार बल कई मोर्चों पर आगे बढ़ रहे हैं। इनमें जौफ के अलावा बैदा, दहले और मारिब के इलाके भी शामिल हैं।

यमन में गृहयुद्ध की शुरुआत 2014 में हुई थी। उस समय हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार को देश छोड़ना पड़ा। वर्ष 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने सरकार के समर्थन में यमन में सैन्य हस्तक्षेप किया था।

यमन में पहले भी जेल और हिरासत केंद्र बने निशाना

यमन के संघर्ष के दौरान जेल और हिरासत केंद्र पहले भी हमलों की चपेट में आ चुके हैं। वर्ष 2022 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के एक हमले में सादा स्थित हिरासत केंद्र में कम से कम 87 कैदियों की मौत हुई थी।

इससे पहले 2019 में धमार में हूतियों द्वारा संचालित हिरासत केंद्र पर हुए हमले में 100 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।

गृहयुद्ध में डेढ़ लाख से ज्यादा मौतों का अनुमान

संयुक्त राष्ट्र के अनुमानों के मुताबिक, यमन के लंबे गृहयुद्ध में अब तक कम से कम 1.5 लाख लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार चले संघर्ष ने देश को गंभीर मानवीय संकट और भुखमरी की स्थिति में धकेल दिया है। वर्ष 2022 से बड़े स्तर पर कायम युद्धविराम अब काफी कमजोर पड़ चुका है, जिससे यमन में फिर से हिंसा बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

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