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550वीं गुरु नानक जयंती पर मोदी सरकार का बड़ा तोहफा, करतारपुर कॉरिडोर को मंजूरी

नई दिल्ली : एक महत्वपूर्ण फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक महत्वपूर्ण फैसले में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक करतरपुर गलियारे की इमारत और विकास को मंजूरी दे दी है। केंद्र की मंजूरी के बाद अब दिल्ली-करतारपुर रास्ते का निर्माण करवाया जाएगा। ये विकास कार्य पाकिस्तान से लगी सीमा तक करवाया जाएगा। केंद्र सरकार ने गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के मद्देनजर यह फैसला लिया है। केंद्र के इस फैसले से भारतीय तीर्थ यात्रियों को पाकिस्तान में रावी नदी के तट पर गुरुद्वारा करतारपुर साहिब जाने की सुविधा मिल सकेगी, जहां श्री गुरु नानक देव जी ने 18 साल बिताए थे. इससे भारतीय तीर्थ यात्री पूरे साल गुरुद्वारे की यात्रा कर सकेंगे। भारत, पाकिस्तान से लगती सरहद पर एक हाई पावर दूरबीन भी लगाई जाएगी, ताकि सिख श्रद्धालु करतारपुर साहिब को देख सकें, यह सिखों के सर्वाधिक पवित्र धर्मस्थलों में से एक है।

सरकार ने सोमवार को ऐलान किया कि गुरु नानक देव की 550वीं जयंती मनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत उनकी याद में एक सिक्का और एक डाक टिकट जारी किया जाएगा। गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब को श्रद्धालुओं को दिखाने के लिए एक हाई पावर दूरबीन लगाएगा, जबकि रेल मंत्रालय एक ट्रेन चलाएगा जो सिख गुरु से संबंधित स्थानों से गुजरेगी।

करतारपुर साहिब का मुद्दा तब सुर्खियों में आ गया था जब पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया था कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने उनसे कहा है कि पाकिस्तान करतारपुर साहिब गालियारा खोल सकता है जो पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा के ठीक उस पार स्थित है। दरअसल, सिद्धू अपने दोस्त क्रिकेटर से सियासत में आए इमरान खान के प्रधानमंत्री पद पर शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने के लिए अगस्त में पाकिस्तान गए थे और वतन लौटने पर उन्होंने उक्त दावा किया था।

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