

नयी दिल्ली : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री जन-धन योजना से लोगों में बचत का तरीका बदलने का उल्लेख करते हुये आज कहा कि इस योजना से देश में 34 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुले हैं और देश का लगभग हर परिवार बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ गया है। श्री कोविंद ने यहाँ बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुये कहा कि इन जनधन खातों में जमा 88 हजार करोड़ रुपये इस बात के गवाह हैं कि कैसे इन खातों ने बचत करने का तरीका बदल दिया है।
उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) का विस्तार करने से पिछले साढ़े चार वर्ष में 6.05 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि लाभार्थियों तक पहुँची है। डीबीटी से लगभग एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे हैं। लगभग आठ करोड़ ऐसे नामों को भी लाभार्थियों की सूची से हटाया गया है जो वास्तव में थे ही नहीं और बहुत से बिचौलिये फर्जी नाम से जनता का धन लूट रहे थे।



