उत्तराखंड

महत्वपूर्ण हिमालयी राज्य के रूप में उभर रहा उत्तराखंड, 42 बड़ी परियोजनाओं से हो रहा विकास

देहरादून। उत्तराखंड तेजी से एक महत्वपूर्ण हिमालयी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि राज्य में कनेक्टिविटी, ऊर्जा उत्पादन, तीर्थयात्रा और बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं पर व्यापक स्तर पर कार्य चल रहा है। पारिस्थितिक संवेदनशीलताओं के बावजूद उत्तराखंड अब प्रगति निगरानी प्रणाली के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर कर सामने आया है।

3.50 लाख करोड़ के निवेश वाली 42 परियोजनाओं पर नजर

मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में कुल 3.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ी 42 प्रमुख परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है। इनमें से 15 उच्च मूल्य की परियोजनाएं, जिनकी कुल लागत 1.22 लाख करोड़ रुपये है, सीधे प्रगति प्रणाली के अंतर्गत समीक्षा में हैं। ये सभी परियोजनाएं राष्ट्रीय महत्व के बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों से संबंधित हैं।

10 परियोजनाएं पूरी, 32 पर काम जारी

परियोजनाओं की प्रगति की बात करें तो 42 में से 10 परियोजनाएं पूरी होकर संचालन में आ चुकी हैं, जिनमें लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। वहीं 32 परियोजनाएं अभी कार्यान्वयन चरण में हैं, जिन पर करीब 3.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि राज्य में कुल निवेश का 96 प्रतिशत से अधिक हिस्सा फिलहाल निर्माण और क्रियान्वयन की अवस्था में है।

सड़क, ऊर्जा और विमानन को मिला बड़ा लाभ

पूरी हो चुकी 10 परियोजनाओं में से 3 परियोजनाएं, जिनकी लागत 8,205 करोड़ रुपये है, की समीक्षा पीआरएसी के तहत की गई। क्षेत्रवार विश्लेषण में इनमें 4 सड़क और राजमार्ग परियोजनाएं, 3 तेल एवं गैस से जुड़ी योजनाएं, 1 विद्युत उत्पादन परियोजना, 1 विमानन अवसंरचना और 1 शिक्षा क्षेत्र की परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं से राज्य में सड़क संपर्क, ऊर्जा आपूर्ति और हवाई कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

प्रगति प्रणाली से बढ़ी पारदर्शिता और गति

वहीं कार्यान्वयनाधीन 32 परियोजनाओं में से 12 परियोजनाएं वर्तमान में प्रगति प्रणाली के अंतर्गत निगरानी में हैं। इससे न केवल परियोजनाओं की रफ्तार तेज हुई है, बल्कि कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता भी सुनिश्चित हो रही है। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

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