असम में पीएम मोदी का कांग्रेस पर हमला: ‘हमने शांति और विकास दिया, कांग्रेस ने सिर्फ स्वार्थ के लिए किए समझौते’

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम दौरे के दौरान पूर्वोत्तर की राजनीति और विकास को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक समय पूर्वोत्तर में बम और गोलियों की आवाजें आम थीं, लेकिन अब यह सब अतीत की बात हो गई है और क्षेत्र शांति तथा विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि भाजपा सरकार ने यहां स्थायी शांति स्थापित की और बोडोलैंड के विकास को नई दिशा दी, जबकि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में केवल दिखावे और निजी स्वार्थ के लिए शांति समझौते किए।
दो दिवसीय असम दौरे के दौरान खराब मौसम के कारण कार्यक्रम प्रभावित होने के बाद प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी से कोकराझार जिले की जनसभा को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण राज्य में शांति और विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में मूल निवासियों की जमीनें घुसपैठियों को सौंपकर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाल दिया था। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों में कांग्रेस को सबक सिखाने की अपील करते हुए कहा कि देश में घुसपैठियों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि 126 सदस्यीय असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल में होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस हमेशा घुसपैठियों के साथ मिलीभगत करती रही और राज्य के मूल निवासियों को उनके जमीन के अधिकार देने में असफल रही।
उन्होंने कहा कि धुबरी और गोलपारा जैसे जिलों में हालात बेहद खराब हो गए थे, जिसका असर कोकराझार की जनसंख्या संरचना पर भी पड़ा। उन्होंने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा चलाए जा रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे मूल निवासियों को उनके अधिकार वापस मिल रहे हैं।
‘मोहब्बत की दुकान’ पर तंज
प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी के ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले नारे पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वास्तव में झूठे वादों की दुकान है, जहां एक झूठ के साथ चार और झूठ मुफ्त में दिए जाते हैं क्योंकि पार्टी का इरादा अपने वादे पूरे करने का कभी नहीं होता।
उन्होंने कहा कि इसके विपरीत डबल इंजन सरकार का मॉडल लोगों के सामने है, जिसमें किए गए वादों को पूरा करने की ईमानदार कोशिश की जाती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन के तेज विकास और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी
प्रधानमंत्री ने इस दौरान देशभर के 9.3 करोड़ से अधिक किसानों के लिए पीएम-किसान योजना की 22वीं किस्त जारी की। इसके तहत पात्र किसानों के खातों में दो हजार रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए।
इसके साथ ही करीब 19,680 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया। इनमें दीमा हसाओ और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों में 2,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनी कोपिली जलविद्युत परियोजना भी शामिल है।
ऊर्जा और रेल परियोजनाओं को मिली रफ्तार
प्रधानमंत्री ने आयल इंडिया लिमिटेड की नुमालीगढ़-सिलीगुड़ी उत्पाद पाइपलाइन की क्षमता विस्तार परियोजना राष्ट्र को समर्पित की। इससे नुमालीगढ़ रिफाइनरी की क्षमता 30 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष से बढ़कर 90 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष हो जाएगी।
इसके अलावा नॉर्थ ईस्ट गैस ग्रिड के पहले चरण का भी उद्घाटन किया गया, जो गुवाहाटी को नुमालीगढ़, गोहपुर और अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर से जोड़ता है। इस परियोजना की एक शाखा नगालैंड के दीमापुर तक भी जाती है।
हैलाकांडी जिले के पंचग्राम में नुमालीगढ़ रिफाइनरी के रेल-फेड पीओएल टर्मिनल की आधारशिला भी रखी गई। अधिकारियों के अनुसार ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर क्षेत्र के ऊर्जा ढांचे को मजबूत करेंगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएंगी।
प्रधानमंत्री ने तीन नई ट्रेनों की शुरुआत समेत कई रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। साथ ही राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए ‘असम माला 3.0’ परियोजना के भूमि पूजन में भी वर्चुअल रूप से हिस्सा लिया, जिसके तहत 900 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
चाय बागान श्रमिकों को जमीन का अधिकार
प्रधानमंत्री ने असम के चाय बागान श्रमिकों को आवासीय जमीन का अधिकार देने की पहल के तहत 20 जिलों के 106 चाय बागानों के श्रमिकों को जमीन के पट्टे बांटने की प्रक्रिया शुरू की। पहले चरण में 28,241 परिवारों को पट्टे दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चाय बागान श्रमिकों को जमीन का अधिकार देकर सरकार इस समुदाय के साथ हुए ऐतिहासिक अन्याय को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में इस समुदाय की कभी चिंता नहीं की।



