मोगा में आज अमित शाह करेंगे ‘बदलाव रैली’ का संबोधन, भाजपा-शिअद गठबंधन पर सबकी नजरें

मोगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज, 14 मार्च को मोगा के किल्ली चाहला में बड़ी ‘बदलाव रैली’ को संबोधित करेंगे। रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने लंबे समय से तैयारियां की हैं और दावा कर रही है कि पंजाब के इतिहास में इतनी बड़ी रैली शायद ही कभी हुई होगी। खास बात यह है कि यह रैली उसी स्थान पर आयोजित की जा रही है जहां फरवरी में आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने रैली की थी। उस रैली में भारी भीड़ जुटी थी, जिसके बाद भाजपा ने इसे चुनौती स्वरूप बड़ी रैली आयोजित करने का निर्णय लिया।
भाजपा-शिअद गठबंधन की संभावना पर सबकी नजरें
अमित शाह मोगा में अपने संबोधन में इस बात के संकेत देने वाले हैं कि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल का पुनः गठबंधन संभव है या नहीं। पिछले कुछ समय से दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा चल रही है। भाजपा के भीतर भी दो धड़ों के बीच मतभेद देखा जा रहा है—एक वर्ग गठबंधन के पक्ष में है, जबकि दूसरा अकेले चुनाव लड़ने की हिमायत कर रहा है। माना जा रहा है कि गठबंधन करने या न करने का अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री के हाथ में होगा। शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने पार्टी नेताओं को यह संकेत दिए हैं कि समझौता लगभग तय है, हालांकि दोनों दलों ने अभी तक इसे सार्वजनिक नहीं किया।
AAP और कांग्रेस में बढ़ी बेचैनी
अमित शाह के पंजाब आगमन के चलते आम आदमी पार्टी पर भी दबाव महसूस किया जा रहा है। बजट सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्रियों ने लगातार अमित शाह की रैली का जिक्र किया। आप ने केंद्र सरकार के खिलाफ दो निंदा प्रस्ताव पारित किए और प्रदेश प्रधान अमन अरोड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री से छह सवाल पूछे।
वहीं कांग्रेस और आप की बेचैनी भाजपा-शिअद गठबंधन की संभावना को लेकर बढ़ गई है। यदि दोनों दल साथ आते हैं तो 2027 के चुनाव में गठबंधन का प्रभाव और मजबूत हो जाएगा। भाजपा ने बदलाव रैली को लेकर पूरी ताकत झोंक दी है और दावा किया है कि पार्टी का आधार शहरों के साथ-साथ गांवों में भी मजबूत हुआ है।
एलपीजी और आर्थिक मुद्दों पर अमित शाह का फोकस
रैली में अमित शाह एलपीजी की कमी और आर्थिक संकट जैसे आम मुद्दों पर भी जनता से संवाद कर सकते हैं। पंजाब में विपक्ष लगातार भाजपा पर एलपीजी और गैस संकट को लेकर हमलावर रहा है। भाजपा के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ का कहना है कि अमित शाह की रैली पंजाब की राजनीति में नया मोड़ ला सकती है और पार्टी केवल वही है जो राज्य में वर्तमान कमी को दूर कर सकती है।



