उत्तराखंड

राज्य की विकास योजनाओं की वित्तीय प्रगति की समीक्षा, खर्च में तेजी लाने के निर्देश

देहरादून: सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की वित्तीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कैपिटल एक्सपेंडिचर, सीएसएस योजनाएं, ईएपी योजनाएं, नाबार्ड योजनाएं, एक्सपेंडिचर प्लान तथा एसएएससीआई योजनाओं के तहत जारी परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं के अंतर्गत आवंटित धनराशि के व्यय में तेजी लाई जाए और उसका शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय राज्य के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, इसलिए सभी विभाग परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी योजना का बजट लैप्स नहीं होना चाहिए।

सभी विकास कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने पर जोर

बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए संचालित एसएएससीआई योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन के दौरान यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी या प्रक्रियागत बाधा सामने आती है तो उसका त्वरित समाधान किया जाए, ताकि परियोजनाओं की गति प्रभावित न हो।

उन्होंने सभी विभागों को मासिक व्यय लक्ष्य निर्धारित करने और उसकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। साथ ही लंबित टेंडर, स्वीकृतियों और तकनीकी अनुमोदनों की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने तथा जिलास्तर पर परियोजनाओं की प्रगति की लगातार समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं की प्रगति में तेजी आने से राज्य के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं में भी सुधार होगा।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल.एल. फैनई और धनंजय चतुर्वेदी, विशेष सचिव अमित सिन्हा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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