उत्तराखंड

उत्तराखंड में बिजली संकट पर बड़ी राहत, केंद्र से मिली 150 मेगावाट अतिरिक्त आपूर्ति से हालात में सुधार

देहरादून में पिछले कुछ समय से जारी बिजली कटौती के बीच अब उत्तराखंड को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य को 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई गई है, जिससे बिजली आपूर्ति की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योग और व्यापार क्षेत्र को भी मिल रहा है।

गर्मी और उत्पादन में कमी से गहराया था संकट

दरअसल, प्रदेश में बिजली संकट कई कारणों से गंभीर होता जा रहा था। भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग में अचानक तेजी आई, जबकि नदियों का जलस्तर घटने से जल विद्युत परियोजनाओं का उत्पादन प्रभावित हुआ। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस आधारित बिजली परियोजनाएं भी पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही थीं, जिससे करीब 300 मेगावाट उत्पादन पर असर पड़ा।

घरेलू खपत में बढ़ोतरी ने बढ़ाया दबाव

इसी दौरान घरेलू स्तर पर इंडक्शन चूल्हों के बढ़ते उपयोग ने भी बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ डाला। एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में उपभोक्ता इंडक्शन की ओर शिफ्ट हुए, जिससे अनुमानित 50 से 100 मेगावाट तक अतिरिक्त लोड बढ़ गया। इसके अलावा केंद्र से मिलने वाली बिजली में कमी ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।

कटौती के बीच अब आपूर्ति हुई बेहतर

मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ते अंतर के चलते राज्य को बिजली कटौती का सहारा लेना पड़ा था। हालांकि अब केंद्र से मिली 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली ने इस अंतर को काफी हद तक कम कर दिया है। खासकर पीक आवर्स में होने वाली कटौती में कमी आई है और शहरी के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी आपूर्ति पहले से बेहतर हुई है।

उद्योग और उपभोक्ताओं को मिला सीधा लाभ

यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य के मुताबिक, यह अतिरिक्त बिजली मौजूदा संकट से निपटने में बेहद अहम साबित हो रही है। उद्योगों को अब अपेक्षाकृत स्थिर बिजली मिल रही है, जिससे उत्पादन गतिविधियां पटरी पर लौट रही हैं। वहीं आम उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली कटौती से राहत मिलनी शुरू हो गई है।

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