देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य ब्रॉडबैंड समिति की 9वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश में इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक में दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने, कॉल ड्रॉप की समस्या दूर करने और पंचायत स्तर तक डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
दुर्गम इलाकों में फाइबर और वाई-फाई से कनेक्टिविटी
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में सड़क पहुंच नहीं है, वहां पारंपरिक तरीकों के बजाय फाइबर केबल और वाई-फाई के माध्यम से इंटरनेट कनेक्टिविटी जल्द उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे इलाकों के लिए वैकल्पिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाएं पहुंच सकें।
भारतनेट से पंचायत भवनों को जोड़ा जाएगा
बैठक में सभी पंचायत भवनों को भारतनेट के जरिए कनेक्टिविटी से जोड़ने के निर्देश दिए गए। साथ ही राज्य सरकार के राइट ऑफ वे (ROW) पोर्टल को आईटीडीए द्वारा संचालित करने और अन्य विभागों—जैसे पेयजल, बिजली, गैस और संचार—को इसमें शीघ्र एकीकृत करने के निर्देश दिए गए, ताकि अंडरग्राउंड लाइन बिछाने से जुड़े कार्यों में समन्वय बना रहे।
प्रगति की मासिक रिपोर्ट अनिवार्य

मुख्य सचिव ने कनेक्टिविटी सैचुरेशन से जुड़े कार्यों की नियमित निगरानी पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग हर माह प्रगति रिपोर्ट सचिव आईटी को सौंपें। इसके अलावा जिला स्तरीय समितियों की बैठकें तय समय पर आयोजित करने और स्ट्रीट फर्नीचर मैपिंग कार्य में तेजी लाने को कहा गया।
निर्माणाधीन पंचायत भवनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
जहां पंचायत भवन निर्माणाधीन हैं, वहां अस्थायी रूप से नजदीकी सरकारी भवन—जैसे प्राथमिक विद्यालय या आंगनवाड़ी केंद्र—में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही पंचायत भवनों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
कॉल ड्रॉप पर सख्ती, ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के निर्देश
मुख्य सचिव ने टेलीकॉम कंपनियों को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में कॉल ड्रॉप की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में ऐसे ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए जाएं, जहां नेटवर्क की समस्या अधिक है, और उन्हें प्राथमिकता से सुधारा जाए।
यात्रा सीजन के लिए विशेष इंतजाम
आगामी यात्रा सीजन को ध्यान में रखते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि प्रमुख यात्रा मार्गों पर स्थायी टावर लगने तक अस्थायी मोबाइल टावरों के जरिए नेटवर्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, दूरसंचार विभाग के प्रतिनिधि, बीएसएनएल और निजी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




