डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज को कहा ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’, खुद को बताया ‘पीसमेकर’, नोबेल न मिलने पर उठाए सवाल

नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मियामी के फेना फोरम में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए ईरान, युद्ध और वैश्विक भू-राजनीति पर तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने एक बार फिर खुद को ‘पीसमेकर’ बताते हुए कहा कि अगर उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो यह किसी और को भी नहीं मिलना चाहिए। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में क्यूबा (Cuba) अगला निशाना हो सकता है।
ट्रंप ने दावा किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान की सैन्य क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया गया है। उनके मुताबिक, अब वहां की सरकार समझौते के लिए मजबूर हो रही है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट जल्द ही ईरानी प्रभाव और न्यूक्लियर दबाव से मुक्त हो सकता है। इस दौरान उन्होंने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को मजाक में ‘स्ट्रेट ऑफ ट्रंप’ कहकर भी संबोधित किया और कहा कि उनसे ऐसी ‘गलतियां’ बहुत कम होती हैं।
अपने पहले कार्यकाल की चर्चा करते हुए ट्रंप ने ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी पर हुए ड्रोन हमले को अहम उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि जनवरी 2020 में बगदाद एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में सुलेमानी मारे गए थे। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी हितों की सुरक्षा के लिए की गई थी, क्योंकि उन पर अमेरिकी सैनिकों पर हमलों की साजिश रचने का आरोप था।
नाटो और ब्रिटेन को लेकर ट्रंप ने निराशा जताई। उन्होंने ब्रिटेन के एयरक्राफ्ट कैरियर की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे ज्यादा प्रभावी नहीं हैं और अमेरिका को अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि अगर कोई बड़ा युद्ध हुआ, तो नाटो देश शायद अमेरिका के साथ खड़े न हों। इसके विपरीत, उन्होंने बहरीन और कुवैत जैसे मध्य पूर्वी सहयोगियों की भूमिका की सराहना की।
ट्रंप ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनकी पहचान एक बड़े शांतिदूत के रूप में बने। उन्होंने दोहराया कि अगर उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार नहीं मिला, तो फिर यह किसी के लिए भी नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर हैरानी नहीं है कि अब तक उन्हें यह सम्मान नहीं मिला।
मिसाइल हमलों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि हाल ही में 101 मिसाइलों से हमला किया गया, लेकिन अमेरिकी रक्षा प्रणाली ने सभी को नष्ट कर दिया। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका दुश्मन के ठिकानों पर लगातार कार्रवाई कर रहा है और 3,554 टारगेट अभी बाकी हैं। ट्रंप के अनुसार, आगे की रणनीति पर जल्द फैसला लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम उठाए जाएंगे।



