ख्वाजा आसिफ के बयान पर सियासी घमासान, भाजपा-कांग्रेस ने बताया ‘ध्यान भटकाने की कोशिश’

नई दिल्ली: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के विवादित बयान को लेकर भारत में सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना और उकसावे वाला बयान बताया है।
भाजपा का हमला: ‘घरेलू संकट छिपाने की कोशिश’
भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है और आम लोग गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई चरम पर है, पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर है। उनके मुताबिक, ऐसे हालात में इस तरह के बयान देकर पाकिस्तान अपनी आंतरिक नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस की कड़ी प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी ख्वाजा आसिफ के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत और क्षेत्र के अन्य देशों के खिलाफ फर्जी ऑपरेशंस करता रहा है। उन्होंने कहा कि 1971 के बाद से पाकिस्तान इस तरह की गतिविधियों में लगातार शामिल रहा है और इसमें माहिर हो चुका है।
‘आतंकवाद का केंद्र’ बताया
मनीष तिवारी ने आगे कहा कि दक्षिण एशिया में यदि कहीं आतंकवाद का केंद्र है, तो वह पाकिस्तान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की नीतियां क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली रही हैं।
क्या कहा था ख्वाजा आसिफ ने
दरअसल, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया था कि यदि भविष्य में कोई संघर्ष होता है, तो पाकिस्तान बंगाल की राजधानी कोलकाता तक हमला कर सकता है। इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।



