वार्ता फेल होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारी तनाव, ट्रंप के आदेश पर US नेवी ने तैनात किए 15 युद्धपोत

तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर समुद्री नाकेबंदी की डेडलाइन समाप्त होने के बाद अमेरिकी सेना ने यहां से गुजरने वाले ईरानी जहाजों की निगरानी और रोकथाम शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत अमेरिकी नौसेना के लगभग 15 युद्धपोत जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में तैनात किए गए हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नौसेना ईरान से तेल लेकर निकलने वाले टैंकरों को रोकेगी। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में ट्रैफिक बाधित कर “आर्थिक आतंकवाद” फैलाने का आरोप लगाया है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि अगर ईरान ऐसी गतिविधियां जारी रखता है, तो अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि उसका कोई भी जहाज बाहर न निकल सके।
नाकेबंदी के बीच ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी निगरानी में एक दिन में 34 जहाज होर्मुज से गुजरे, जो हालिया तनाव के बाद सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को बाधित करने की कोशिश को “बेवकूफी भरा कदम” बताया। इस बीच, ईरान ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की नाकेबंदी का असर केवल तेल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका व्यापक प्रभाव वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा।



