देहरादून में मंगलवार को दिल्ली-देहरादून 6 लेन इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास के साथ-साथ नीतिगत मुद्दों पर भी स्पष्ट संदेश दिया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में पीएम मोदी ने समान नागरिक संहिता और महिलाओं के आरक्षण जैसे विषयों पर अहम संकेत दिए।
UCC पर साफ रुख, उत्तराखंड की पहल का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू होनी चाहिए, क्योंकि यह संविधान की अपेक्षा है। उन्होंने उत्तराखंड का उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य ने इस दिशा में पहल कर देश को रास्ता दिखाया है। उन्होंने संकेत दिए कि आने वाले समय में इस विषय पर बड़े फैसले हो सकते हैं।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लागू करने पर जोर
पीएम मोदी ने कहा कि संसद ने लंबे इंतजार के बाद ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया, जिससे लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हुआ है। उन्होंने कहा कि अब इस कानून को लागू करने में देरी नहीं होनी चाहिए और देश की भावना है कि इसे 2029 तक लागू कर दिया जाए। 16 अप्रैल को इस मुद्दे पर संसद में विशेष चर्चा प्रस्तावित है, जिसमें सभी दलों से सहयोग की अपील की गई है।
संशोधन के लिए सभी दलों से समर्थन की अपील
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने देश की महिलाओं को एक खुला पत्र लिखकर इस प्रक्रिया में भागीदारी का आह्वान किया है। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी अपील की कि वे ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ में आवश्यक संशोधन का समर्थन करें, ताकि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
आर्थिक गलियारे से खुलेगा विकास का नया रास्ता
प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे आर्थिक गलियारे सिर्फ सड़क परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि ये व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों का आधार बनते हैं। दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर भी क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला साबित होगा और विकास को नई गति देगा।
सामाजिक न्याय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को याद करते हुए कहा कि सरकार हर गरीब और वंचित को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संतुलित विकास ही सामाजिक न्याय का आधार है और सरकार इसी दिशा में काम कर रही है।
एक्सप्रेसवे की प्रमुख खासियतें
213 किलोमीटर लंबा यह छह लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर करीब 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। यह दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को जोड़ता है, जिससे यात्रा का समय 6 घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। इस परियोजना में 10 इंटरचेंज, 3 रेलवे ओवर ब्रिज, चार बड़े पुल और यात्रियों की सुविधा के लिए 12 वे-साइड सुविधाएं विकसित की गई हैं। इसके साथ ही एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्रा सुरक्षित और सुगम होगी।




