उत्तराखंड

उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा पर सख्त हुआ प्रशासन, मिलावटखोरों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश, 7 जून तक नई फूड लैब शुरू होगी

देहरादून : उत्तराखंड में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में सुरक्षित भोजन एवं स्वस्थ आहार को लेकर गठित राज्य स्तरीय सलाहकार समिति की छठी बैठक आयोजित हुई। बैठक में खाद्य पदार्थों की जांच, मिलावटखोरी पर कार्रवाई और परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने प्रदेश की दूसरी खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस यानी 7 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने खाद्य पदार्थों की जांच और प्रवर्तन गतिविधियों को तेज करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि खाद्य जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सेक्टर के बजट में विशेष प्रावधान किए जाएं। साथ ही केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट के लिए अलग कॉर्पस फंड तैयार करने की बात भी कही, ताकि खाद्य पदार्थों की नियमित जांच सुनिश्चित हो सके।

मुख्य सचिव ने मिलावटखोरी में लगातार शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मिलावट से जुड़े मामलों में अदालतों में मजबूत पैरवी की जाए, ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।

चार अंकों का हेल्पलाइन नंबर जारी होगा

आम जनता की शिकायतों को आसान बनाने के लिए मुख्य सचिव ने एक सरल चार अंकों का हेल्प डेस्क नंबर जारी करने और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे लोग मिलावट या खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकेंगे।

उन्होंने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा के मौजूदा तंत्र को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि फूड सैंपल की बेहतर जांच के लिए टेस्टिंग लैब के साथ-साथ मोबाइल टेस्टिंग लैब की संख्या भी बढ़ाई जाए।

कुंभ 2027 को लेकर अभी से तैयारियां शुरू

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए अभी से खाद्य सुरक्षा संबंधी तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेला क्षेत्र में निगरानी और परीक्षण के लिए समर्पित टीमें तैनात करने की बात कही। साथ ही कुंभ क्षेत्र में विशेष वेंडिंग जोन चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए।

सरकारी संस्थानों में बढ़ेगा ‘ईट राइट’ अभियान

बैठक में मुख्य सचिव ने ईट राइट कैंपस सर्टिफिकेशन को सरकारी संस्थानों में प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि राजकीय शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थानों, छात्रावासों, वृद्धा आश्रमों, बाल गृहों और नारी निकेतन में इसे लागू किया जाए।

इसके अलावा मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले टेक होम राशन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने यूज्ड कुकिंग ऑयल को फूड चेन से बाहर करने के लिए संग्रहणकर्ताओं की संख्या बढ़ाने पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों तथा मुख्य शेफ के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित करने की बात कही, ताकि ‘ईट राइट’ अभियान को लेकर जागरूकता बढ़ाई जा सके।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, अपर सचिव रोहित मीणा समेत कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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