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यूपी में राशन वितरण का नया मॉडल बना मिसाल, 75 जिलों में 15 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच रही खाद्य सुरक्षा

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को तकनीक के माध्यम से मजबूत बनाने का दावा किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्य सरकार हर महीने करोड़ों पात्र लाभार्थियों तक मुफ्त राशन पहुंचा रही है। तकनीक आधारित निगरानी, पारदर्शी व्यवस्था और समयबद्ध वितरण के चलते प्रदेश की राशन वितरण प्रणाली को नई पहचान मिली है।

75 जिलों में 15 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी

खाद्य एवं रसद विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में 15 करोड़ से अधिक लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत मुफ्त राशन का लाभ ले रहे हैं। प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में ही तीन करोड़ से अधिक लाभार्थी शामिल हैं।

लाभार्थियों की संख्या के मामले में प्रयागराज सबसे आगे है, जहां 42.10 लाख से अधिक लोग योजना का लाभ उठा रहे हैं। इसके बाद जौनपुर (34.93 लाख से अधिक), सीतापुर (34.05 लाख से अधिक), आजमगढ़ (33.41 लाख से अधिक), बरेली (31.69 लाख से अधिक), हरदोई (31.32 लाख से अधिक), लखीमपुर खीरी (31.18 लाख से अधिक), गोरखपुर (31.03 लाख से अधिक), आगरा (30.68 लाख से अधिक) और लखनऊ (30.10 लाख से अधिक) का स्थान है।

तकनीक से बढ़ी पारदर्शिता

सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को डिजिटल तकनीक से जोड़ते हुए कोटे की दुकानों पर ई-पीओएस (e-POS) मशीनों के जरिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य किया है। डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन मॉनिटरिंग के माध्यम से राशन वितरण प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा रही है। सरकार का दावा है कि इससे कालाबाजारी और घटतौली जैसी अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और पात्र लाभार्थियों तक समय पर राशन पहुंच रहा है।

गरीबों के लिए सामाजिक सुरक्षा का आधार

राज्य सरकार का कहना है कि गरीब, श्रमिक, किसान और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से शहरी मलिन बस्तियों से लेकर दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक राशन वितरण व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी जरूरतमंद परिवार को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े।

बिना भेदभाव लाभ पहुंचाने का दावा

खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे और प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे। इसी उद्देश्य से पूरे वितरण तंत्र को जवाबदेह बनाया गया है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा के साथ आर्थिक संबल भी मिल सके।

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