देहरादून में बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय नीतियों को लेकर कई अहम संदेश दिए। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जहां इंफ्रास्ट्रक्चर को देश की “भाग्य रेखाएं” बताया, वहीं समान नागरिक संहिता और महिला सशक्तीकरण जैसे मुद्दों पर भी स्पष्ट रुख रखा।
देश की ‘भाग्य रेखाएं’ हैं सड़कें और एक्सप्रेस-वे
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में बन रही सड़कें, हाईवे और एक्सप्रेस-वे सिर्फ यातायात के साधन नहीं हैं, बल्कि ये भारत के भविष्य को दिशा देने वाली “भाग्य रेखाएं” हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में इन क्षेत्रों में तेजी से काम हुआ है, जिससे विकास को नई गति मिली है।
यूसीसी पर बड़ा संदेश, उत्तराखंड का जिक्र
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि यह संविधान की भावना के अनुरूप है और उत्तराखंड ने इस दिशा में पहल कर देश को रास्ता दिखाया है।
विकास, प्रकृति और संस्कृति का संतुलन
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे विकास मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें प्रगति के साथ प्रकृति और संस्कृति का संतुलन बना रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है।
वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बना मिसाल
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि इसमें 12 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया का सबसे बड़ा है। इसका उद्देश्य विकास के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मिलेगी रफ्तार
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह आर्थिक कॉरिडोर राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे यात्रा समय घटेगा और किसानों को अपनी उपज बड़ी मंडियों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ेगी।
पर्यटन और नए अवसरों का विस्तार
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तेजी से वेडिंग डेस्टिनेशन और विंटर टूरिज्म के रूप में उभर रहा है। चारधाम यात्रा और आदि कैलाश यात्रा में बढ़ती संख्या इसका प्रमाण है। एक्सप्रेसवे से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।
महिला सशक्तीकरण पर जोर
प्रधानमंत्री ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि 2029 तक महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
पूर्व सैनिकों के लिए सरकार की पहल
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा को याद करते हुए उन्होंने बताया कि वन रैंक वन पेंशन योजना के तहत सवा लाख करोड़ रुपये पूर्व सैनिकों को दिए जा चुके हैं। साथ ही उनके बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है।
स्वच्छता और आस्था का संदेश
प्रधानमंत्री ने हरिद्वार कुंभ और नंदा देवी राजजात यात्रा का जिक्र करते हुए लोगों से देवभूमि को स्वच्छ रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक और कचरा धार्मिक स्थलों की पवित्रता को नुकसान पहुंचाता है।
उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य का भरोसा
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के चलते राज्य नई ऊंचाइयों को छुएगा।




