दिल्ली

दिल्ली के 48 गांवों को जल्द मिलेगा शहरी दर्जा, सड़क-सफाई से लेकर पेयजल तक बुनियादी सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार

नई दिल्ली में शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के मास्टर प्लान-2041 के तहत राजधानी के 48 गांवों को जल्द ही शहरी दर्जा दिए जाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इस प्रस्ताव पर सरकारी स्तर पर कार्यवाही शुरू हो चुकी है और संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

निगम समिति की मंजूरी के बाद सदन में जाएगा प्रस्ताव

दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि 48 गांवों के शहरीकरण प्रस्ताव को अग्रिम मंजूरी दे दी गई है। अब इस प्रस्ताव को निगम के सदन में पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद इसे आगे की स्वीकृति के लिए राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग और केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।

DDA की बोर्ड बैठक में पहले ही मिल चुकी है मंजूरी

सत्या शर्मा ने बताया कि इससे पहले 21 फरवरी को दिल्ली विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में इन 48 गांवों को शहरी दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। चूंकि इस प्रक्रिया में कई विभाग और एजेंसियां शामिल होती हैं, इसलिए सभी स्तरों पर अनुमति और समन्वय आवश्यक है।

शहरी दर्जा मिलने से बुनियादी सुविधाओं में होगा सुधार

इन गांवों को शहरी दर्जा मिलने के बाद वहां सड़क, सीवर, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास को नई गति मिलेगी। इससे लंबे समय से अपेक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार कार्यों को तेजी से लागू किया जा सकेगा।

संपत्ति सर्वे और विकास योजनाओं पर भी काम जारी

अधिकारियों के अनुसार, इन गांवों और अन्य अनधिकृत कॉलोनियों में सरकार के निर्देशों के तहत संपत्तियों का सर्वे कार्य भी जारी है। प्रस्ताव को निगम सदन से मंजूरी मिलने के बाद इसे अंतिम स्वीकृति के लिए संबंधित मंत्रालयों को भेजा जाएगा, जिसके बाद अधिसूचना जारी होने की संभावना है।

दिल्ली के कई जिलों में फैले हैं ये गांव

यह 48 गांव दिल्ली के विभिन्न जिलों में स्थित हैं, जिनमें बाहरी उत्तरी, उत्तरी, उत्तर-पूर्वी, उत्तर-पश्चिमी, दक्षिणी, दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र शामिल हैं। शहरी दर्जा मिलने के बाद इन इलाकों में योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा और तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित रूप देने में मदद मिलेगी।

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