
महाराणा प्रताप जयंती : मेरठ रेंज में निकाली जाएगी 45 शोभा यात्रा, 5 एएसपी और 20 सीओ तैनात
Meerut News: मेरठ रेंज में महाराणा प्रताप जयंती पर 45 शोभा यात्राएं निकाली जाएगी। शोभा यात्रा की कानूनी व्यवस्था के दृष्टिगत रेंज के जनपदों में पांच एएसपी, 20 सीओ, 64 इंस्पेक्टर 197 सब इंस्पेक्टर, 272 हेड कांस्टेबल, 440 कांस्टेबल एवं 180 होम गार्ड/ पीआरडी व एक कम्पनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है।
जोन में कुल 19 प्रतिमाएं
महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं की कुल संख्या 19 है। इनमें से जनपद मेरठ में दो, बुलन्दशहर में पांच, बागपत में एक एवं हापुड में 11 महाराणा प्रतिमाएं स्थापित हैं।
सबसे अधिक शोभायात्रा बुलंशहर में
महाराणा प्रताप जयंती पर कुल शोभायात्राओं की संख्या 45 है। जिनमें जनपद मेरठ में चार, बुलन्दशहर में 35 एवं हापुड में छह शोभायात्राएं निकाली जानी प्रस्तावित हैं। अन्य कार्यक्रमों (माल्यार्पण, भण्डारा आदि) की संख्या 32 है। जिनमें जनपद मेरठ में 04, बुलन्दशहर में 14, बागपत में 04 एवं हापुड में 0 माल्यार्पण/ भण्डारा के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
शोभायात्रा में पड़ने वाले संवेदनशील स्थान
महाराणा प्रताप शोभायात्रा के मार्ग में पडने वाले *संवेदनशील स्थान/हॉटस्पॉट की कुल संख्या 15 है। जिनमें बुलंदशहर में 13 व हापुड़ में 02 हॉटस्पॉट चिन्हित किये गये हैं।
पीस कमेटी के साथ बैठक
महाराणा प्रताप जयन्ती पर होने वालों कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु परिक्षेत्र की सभी जनपदीय पुलिस द्वारा पीस कमेटी, धर्मगुरु,शांति समिति,संभ्रान्त व्यक्तियों के साथ 103, अन्य विभाग जैसे नगर निगम, स्वास्थ्य, विद्युत आदि के साथ 81 एवं आयोजकों/संयोजकों के साथ 66 गोष्ठियां आयोजित कर ली गई है। प्रत्येक वर्ष की भाँति इस वर्ष भी महाराणा प्रताप की जयन्ती 9 मई 2026 को मनायी जायेगी। इस अवसर पर प्रतिमाओं पर माल्यार्पण/भण्डारे/ शोभायात्रा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि का आयोजन किया जाता है। महाराणा प्रताप जयन्ती पर होने वालों कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु डीआईजी रेंज मेरठ कलानिधि नैथानी द्वारा कानून एवं व्यवस्था के दृष्टिगत परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों को निम्नांकित दिशा निर्देश दिए गए है।
➡️ उक्त के संबंध में थानों के रजिस्टर नम्बर-8 का अवलोकन कर पूर्व में आयी समस्याओं का समय से निवारण करा लिया जाये तथा उक्त संदर्भ में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के दृष्टिगत समीक्षा कर ली जाए।
➡️ स्थानीय स्तर पर उक्त अवसर पर जुलूस एवं कार्यक्रम के आयोजनकर्ताओं/ पदाधिकारियों के साथ वार्ता/गोष्ठी कर उनका सक्रिय सहयोग प्राप्त कर लिया जाये। यदि गोष्ठी के दौरान किसी प्रकार का कोई सुझाव अथवा आपत्ति की जाती है तो उसका तत्परता से निराकरण करा लिया जाए।
➡️ जनपद के विवादित स्थलों तथा कार्यक्रम आयोजन के स्थानों का क्षेत्राधिकारी द्वारा भ्रमण कर लिया जाये। यदि कोई विवाद /त्रुटि परिलक्षित होती है तो उसे तत्काल दूर करा लिया जाये।
➡️ परम्परा से हट कर कोई आयोजन न हो एवं किसी भी प्रकार की कोई नई विवादित परम्परा की कदापि अनुमति न दी जाये।
➡️ ऐसे स्थान जहां पर महाराणा प्रताप जी की स्थापित मूर्ति पर माल्यार्पण अथवा अन्य कोई कार्यक्रम प्रस्तावित है, वहां पर पूर्व से ही विशेष सतर्कता बरती जाये तथा आवश्यकतानुसार पिकेट/पैट्रोलिंग की व्यवस्था भी कर ली जाये।
➡️ कलस्टर व्यवस्था कर थाना चौकी के फोर्स को हेलमेट एवं बोडी प्रोक्टर से लैस रखें एवं किसी भी सूचना पर क्यूआरटी द्वारा तत्काल रेसपांस किया जाये।
➡️ आयोजित होने वाले कार्यक्रमों/जुलूसों में एकत्र होने वाली भीड़ को दृष्टिगत रखते हुये समुचित पुलिस प्रबंध कराना सुनिश्चित करें।
➡️ स्थानीय संस्थाओं द्वारा लगाये गये कार्यकर्ता/डियूटी पर नियुक्त पुलिस बल को उनके कर्तव्यों के सम्बन्ध में भली प्रकार ब्रीफ कर दिया जाये, ताकि ड्यूटी के दौरान विषम परिस्थिति में की जाने वाली कार्यवाही के सम्बन्ध में कोई संशय न रहे।
➡️ सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखने हेतु डिजिटल वालंटियर्स को भी भली प्रकार ब्रीफ कर दिया जाये तथा किसी प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट प्राप्त होने पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जाये।
➡️ प्रमुख कार्यक्रमों/शोभायात्राओं की यथासम्भव वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी कराना सुनिश्चित करें।
➡️ जिलाधिकारी से समन्वय स्थापित कर अन्य विभागों का अपेक्षित सहयोग प्राप्त कर उक्त पर्व के दौरान निर्बाध विद्युत व्यवस्था कराते हुये स्थानीय स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों के स्थानों की सफाई आदि समय से करा ली जाये।
➡️ ड्यूटी में जिन अधिकारियों/कर्मचारियों को नियुक्त किया जाए वह सभी दंगा निरोधक उपकरण अनिवार्य रूप से धारण करें। अपने अधीनस्थ समस्त कार्यालय का स्टाफ इस दौरान रिजर्व के रूप में मय दंगा निरोधक उपकरण के साथ रखा जाये, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में अल्पावधि में इसका उपयोग किया जा सके।
➡️ पुलिस लाईन/थानों पर पर्याप्त मात्रा में रिजर्व के रूप में पुलिस बल नियुक्त रखा जाये ताकि विषम परिस्थिति में अल्प समय में उसका उपयोग किया जा सके।
➡️ आकस्मिक घटनाओं के दृष्टिगत अभी से (Contingency Plan) योजना तैयार कर ली जाये।
➡️ असामाजिक तत्वों/अफवाह फैलाने वालों पर अनवरत सतर्क दृष्टि रखी जाये तथा किसी भी प्रकार की अफवाह का तत्काल प्रभावी ढंग से खण्डन किया जाये।



