
नई दिल्ली में बढ़ती ईंधन खपत और प्रदूषण को लेकर अब सरकार सक्रिय होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानीवासियों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करने और कारपूलिंग अपनाने की अपील की है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच पेट्रोल और डीजल की बचत बेहद जरूरी हो गई है। इसके साथ ही राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मेट्रो और डीटीसी बसों के इस्तेमाल पर जोर
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रेखा गुप्ता ने लोगों से रोजमर्रा की यात्रा के लिए दिल्ली मेट्रो और डीटीसी बसों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, लोग कारपूलिंग के जरिए सफर करें ताकि ईंधन की खपत कम हो और सड़कों पर वाहनों का दबाव घटे।
सरकार का मानना है कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने से न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण की समस्या में भी कमी आएगी। अधिकारियों के मुताबिक यह पहल पर्यावरण संरक्षण और स्थायी जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई व्यापक मुहिम का हिस्सा है।
ईंधन बचत के पीछे वैश्विक हालात बड़ी वजह
दिल्ली सरकार की यह अपील ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। माना जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भारत जैसे देशों पर भी पड़ सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि लोग बेहद जरूरी होने पर ही निजी वाहनों का इस्तेमाल करें और जहां संभव हो, वैकल्पिक व्यवस्थाओं को अपनाएं।
कारपूलिंग और वर्क फ्रॉम होम पर भी जोर
प्रधानमंत्री ने कर्मचारियों से जरूरत पड़ने पर घर से काम करने यानी वर्क फ्रॉम होम को अपनाने की सलाह भी दी थी। इसके अलावा उन्होंने लोगों से गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचने और अगले एक साल तक सोने की खरीदारी टालने की अपील भी की थी।
हालांकि प्रधानमंत्री की इन अपीलों को लेकर विपक्ष ने कई सवाल भी उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को केवल अपील करने के बजाय ईंधन और महंगाई से जुड़े मुद्दों पर ठोस नीति बनानी चाहिए।
प्रदूषण और ट्रैफिक कम करने पर सरकार का फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन और साझा वाहनों का इस्तेमाल शुरू करते हैं तो दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है। इससे कार्बन उत्सर्जन घटाने और राजधानी की हवा को बेहतर बनाने में भी मदद मिलेगी।
हालांकि फिलहाल दिल्ली सरकार की ओर से इस अभियान को लेकर कोई अनिवार्य दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। सरकार फिलहाल लोगों को जागरूक करने और स्वैच्छिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है।



