
रायपुर में मातृ दिवस के मौके पर महिला केंद्रीय जेल में बंद महिला बंदियों को बड़ी राहत देने वाली पहल की शुरुआत की गई। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की घोषणा के अनुरूप रविवार को प्रिजन इनमेट वीडियो कॉलिंग सिस्टम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस नई सुविधा के जरिए अब महिला बंदी जेल परिसर से ही अपने परिजनों और अधिवक्ताओं से वीडियो कॉल के माध्यम से सीधे बातचीत कर सकेंगी।
पहले चरण में रायपुर महिला केंद्रीय जेल सहित कवर्धा, जशपुर और अन्य कुल सात जेलों में इस सुविधा को लागू किया गया है। यह व्यवस्था जेल विभाग और बीएसएनएल के बीच हुए एमओयू के तहत शुरू की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से बंदियों को मानसिक और भावनात्मक रूप से बड़ी राहत मिलेगी।
परिवार को स्क्रीन पर देखकर भावुक हुईं महिला बंदी
वीडियो कॉलिंग सिस्टम के उद्घाटन के दौरान जेल परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला। कई महिला बंदियों की आंखें उस समय नम हो गईं जब उन्होंने लंबे समय बाद अपने परिवार के सदस्यों को स्क्रीन पर देखा और उनसे बातचीत की।
जेल प्रशासन के मुताबिक, कई बंदियां लंबे समय से अपने परिवार से सीधे संपर्क नहीं कर पा रही थीं। वीडियो कॉल सुविधा शुरू होने के बाद अब वे नियमित रूप से अपने स्वजनों से जुड़ी रह सकेंगी, जिससे मानसिक तनाव कम करने में मदद मिलेगी।
कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश
कार्यक्रम के दौरान निश्चय योजना के तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 38 महिला बंदियों को कौशल प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बंदियों को रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।
मदर्स डे के अवसर पर जेल प्रशासन ने अपनी माताओं के साथ जेल में रह रहे 14 बच्चों को विशेष उपहार भी दिए। बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई और कार्यक्रम के दौरान भावुक पल देखने को मिले।
जेल में शुरू हुआ कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
निश्चय कार्यक्रम के तहत जेल में बंद युवाओं को अपराध की दुनिया से दूर कर रोजगार योग्य बनाने की दिशा में कंप्यूटर प्रशिक्षण भी शुरू किया गया है। रविवार को केंद्रीय और महिला जेल रायपुर में प्रशिक्षण पूरा करने वाले 67 बंदियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें 38 महिला और 29 पुरुष बंदी शामिल रहे।
इसी अवसर पर केंद्रीय जेल परिसर में कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन भी किया गया। यहां बंदियों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
रिहाई के बाद स्वरोजगार के लिए लगेगा लोन मेला
बंदियों के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए 13 मई को इंडियन ओवरसीज बैंक की ओर से जेल परिसर में लोन मेला आयोजित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य रिहा होने वाले बंदियों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे नई शुरुआत कर सकें।
कार्यक्रम में डीजी जेल हिमांशु गुप्ता, जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, बीएसएनएल के विजय छबलानी, महिला जेल प्रभारी गरिमा पांडेय सहित जेल विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



